पुलिसकर्मी को उसके काम से रोकने व चोट पहुंचाने के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा सुनाई है। साथ ही छह हजार रुपये जुर्माना सुनाया है। वहीं मामले में दूसरे अभियुक्त को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया है।
मामला सितंबर 2017 का है। वाद के अनुसार पुलिस टीम ने देवीधुरा तिराहे पर चेकिंग के दौरान एक टिप्पर में पत्थर लदा पकड़ा था। वाहन को भुवन सिंह निवासी कनवाड गांव चला रहा था। पुलिस टीम टिप्पर को थाने की ओर ला रही थी। राजस्व विभाग के अतिथि गृह के समीप चालक ने ट्रक खराब होने की बात कहकर वाहन रोक दिया। तभी खुद को वाहन स्वामी बता रहा व्यक्ति भी मौके पर पहुंच गया। तभी वाहन चालक ने वादी पुलिस कर्मी को थप्पड़ जड़ दिया। रोड से नीचे धक्का दे दिया और वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने अभियुक्त भुवन सिंह व नरेंद्र सिंह राणा के विरूद्ध आइपीसी की धारा 332 व 353 में अभियोग पंजीकृत किया।
मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। नामिका अधिवक्ता द्वारिका शर्मा ने बताया कि सिविल जज जहां आरा अंसारी ने अभियुक्त भुवन सिंह पुत्र टीका सिंह निवासी कनवाड़ देवीधुरा को आइपीसी की धारा 332 एक वर्ष के सश्रम जेल व छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुजाई। दूसरे अभियुक्त नरेंद्र राणा को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।
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