तमिलनाडु के मदुरै रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन की बोगी में शनिवार तड़के आग लगने से उत्तर प्रदेश के नौ तीर्थयात्री जिंदा जल गए। कोच में यात्रियों द्वारा अवैध रूप से रखे गए गैस सिलेंडर से चाय-नाश्ता बनाने के दौरान यह हादसा हुआ।
दक्षिण रेलवे ने कहा कि जिस कोच में आग लगी, वह एक प्राइवेट पार्टी कोच (किसी व्यक्ति द्वारा बुक किया गया पूरा कोच) था। कोच में सवार तीर्थयात्रियों ने 17 अगस्त को लखनऊ से यात्रा शुरू की थी। कोच को शुक्रवार को नागरकोविल जंक्शन पर ट्रेन संख्या 16730 (पुनालुर-मदुरै एक्सप्रेस) में जोड़ा गया था। आगे की यात्रा तय करने के बाद मदुरै स्टेशन पर कोच को अलग कर खड़ा किया गया था। यहां से यात्रियों को 27 अगस्त को चेन्नई जाना था। चेन्नई से वे लखनऊ लौटने वाले थे।
हादसे में जान गवाने वाले यात्री लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों से थे। पीड़ितों में से एक ने बताया, हादसे के वक्त कोच का दरवाजा बंद था। उसे तोड़कर कुछ लोग सुरक्षित निकलने में सफल रहे। हादसे में 20 लोग घायल हुए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, रेलवे ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दो-दो लाख रुपये देने का ऐलान किया है।
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