संसद की सुरक्षा में चूक मुद्दे पर चर्चा कराने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर सोमवार को विपक्ष ने दोनों सदनों में हंगामा किया। इस पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी समेत विपक्ष के 78 सांसदों को पूरे शीत सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। लोकसभा में 33 और राज्यसभा में 45 सांसदों पर कार्रवाई की गई। हंगामा करने पर बीते सप्ताह भी 14 सांसदों को निलंबित किया गया था।
एक दिन में एक साथ इतने सांसदों का यह सबसे बड़ा निलंबन है। लोकसभा में तख्तियां लहराने और सदन की अवमानना पर यह कदम उठाया गया। लोकसभा के तीन और राज्यसभा के 11 सांसदों का मामला विशेषाधिकार समिति को सौंपा गया है। वह रिपोर्ट आने तक निलंबित रहेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, सभी दलों ने सहमति जताई थी कि वे नए सदन में तख्तियां नहीं लाएंगे। लेकिन विपक्ष के सदस्य मर्यादा तोड़ रहे हैं। सदन तभी चलेगा, जब सांसद तख्तियां लेकर नहीं आएंगे। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, पहले कुछ लोगों ने संसद पर हमला किया। अब सरकार संसद और लोकतंत्र पर हमला कर रही है। उन्होंने कहा, विपक्ष विहीन संसद के साथ सरकार बिना चर्चा लंबित कानून पारित कर सकती है।
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