नैनीताल। जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में पीलिया (जॉन्डिस) का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। जल संस्थान द्वारा पानी का क्लोरीनेशन और स्वास्थ्य विभाग के लगातार शिविर लगाने के बावजूद दुःखद खबर आई है। क्षेत्र के पीलिया से ग्रसित एक इंटर के छात्र और एक विवाहिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। इन मौतों के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार सरियाताल निवासी 16 वर्षीय रितेश जीना पुत्र उमेश्वर जीना को 18 अगस्त को पीलिया की शिकायत के बाद हल्द्वानी ले जाया गया था। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे दिल्ली ले गए, जहां राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बीती रात छात्र ने दम तोड़ दिया। रितेश अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसके पिता उद्यान विभाग में उपनल के माध्यम से माली के पद पर कार्यरत हैं।
दूसरी दुखद घटना ज्योलीकोट निवासी 26 वर्षीय नीमा जोशी पत्नी नीरज जोशी के साथ हुई। पीलिया और लीवर इंफेक्शन की शिकायत पर परिजन उन्हें बरेली के राममूर्ति अस्पताल ले गए थे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका अपने पीछे पति और चार व डेढ़ साल की दो मासूम बेटियों को छोड़ गई हैं। नीमा के परिवार के पांच अन्य सदस्य भी पीलिया से ग्रसित बताए जा रहे हैं।
दोनों मृतकों के शव गांव लाए जा रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण क्षेत्र में जलजनित बीमारियां फैल रही हैं। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की गई है कि पानी की गुणवत्ता में सुधार किया जाए और प्रभावित परिवारों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
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