आवासीय अपार्टमेंट, ग्रुप हाउसिंग सोसायटी व उद्योगों में बोरिंग/ट्यूबवेल से पानी लेने वालों के यहां वाटर मीटर लगाए जाएंगे

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प्रदेश में अब भूजल के व्यावसायिक उपयोग पर उत्तराखंड सरकार सख्ती करने जा रही है। आवासीय अपार्टमेंट, ग्रुप हाउसिंग सोसायटी व उद्योगों में बोरिंग/ट्यूबवेल से पानी लेने वालों के यहां वाटर मीटर लगाए जाएंगे और उपयोग के आधार पर उनसे हर माह शुल्क वसूला जाएगा। कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाले भूजल को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है।

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राज्य में तेजी से घटते भूजल स्तर को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। वर्ष 2024 में कैबिनेट ने यह निर्णय ले लिया था, लेकिन उस समय वाटर टैक्स की प्रस्तावित दरें अधिक होने की वजह से उन्हें लागू नहीं किया गया था। अब बीती जनवरी में कैबिनेट ने वाटर टैक्स को लेकर दोबारा मंजूरी दी थी। इसके बाद टैक्स की दरें तय करते हुए प्रमुख सचिव सिंचाई आर.मीनाक्षी सुंदरम ने अब उन्हें लागू करने के आदेश दे दिए।

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नई व्यवस्था के तहत सिंचाई विभाग व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं के यहां मीटर लगाकर बिल वसूलेगा। उद्योगों व अन्य व्यावसायिक इकाइयों पर एक रुपये से लेकर 120 रुपये प्रति घनमीटर प्रतिदिन तक शुल्क लगेगा। वहीं, अपार्टमेंट और हाउसिंग सोसायटी को 25 घनमीटर से अधिक मासिक खपत पर दो रुपये प्रति घनमीटर की दर से टैक्स देना होगा। इन दरों में हर साल अप्रैल में पांच प्रतिशत की वृद्धि भी की जाएगी।

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