सूर्या जाला गांव में वन्यजीव के हमले में जान गंवाने वाली महिला के शव को ग्रामीण पोटली पर बांधकर डंडे के सहारे जंगल से बाहर लेकर आए। बचाव-राहत दल क्षत-विक्षत शव को रेस्क्यू करने के लिए स्ट्रेचर तक का इंतजाम नहीं कर सका। शव रखने के लिए पॉली बैग तक नहीं दिया गया। कपड़े की पोटली में बंधा शव हल्द्वानी स्थित मोर्चरी पहुंचाया गया।
पंकज आर्या, हेमंत, संजय साह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज रमोला, सचिन साह, विपिन जंतवाल, कमल जंतवाल, नरेश, दीपक, संतोष सूर्या समेत अन्य ग्रामीणों ने मिलकर शव को एक लकड़ी के सहारे पोटली बांधकर गांव तक पहुंचाया। महिला के शरीर के कई अंग वन्यजीव ने खा लिए थे। बाघ के हमले की आशंका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई त्वरित मदद नहीं मिली। यहां तक कि शव लाने के लिए एक स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं की गई। इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
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