आईवीआरआई मुक्तेश्वर में उन्नत पशु रोग निदान एवं वैक्सीन पर प्रशिक्षण संपन्न
धारी (नैनीताल)।
आईसीएआर–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), मुक्तेश्वर में “पशुधन में एडवांस्ड डिजीज डायग्नोसिस एंड नेक्स्ट जेनरेशन वैक्सीन प्लेटफॉर्म्स” विषय पर आयोजित दस दिवसीय लघु प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का समापन बुधवार को संस्थान के सभागार में हुआ।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीन्द्र कुमार (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, आईआईटी रुड़की) ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अंतर-विषयक समन्वय को बढ़ावा देते हैं और प्रतिभागियों को नई तकनीकों को व्यावहारिक रूप में समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास अनुसंधान और नवाचार को गति देते हैं तथा भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सहायक सिद्ध होते हैं।
संयुक्त निदेशक एवं पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. वाई.पी.एस. मलिक ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण पशु चिकित्सा एवं चिकित्सा क्षेत्र में उन्नत तकनीकों के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण है। इससे प्रतिभागियों के वैज्ञानिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल का भी विकास होता है।
पाठ्यक्रम सह-निदेशक डॉ. आशुतोष फुलार ने प्रशिक्षण के दौरान आयोजित गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में देश के विभिन्न संस्थानों से आए 15 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों के सहायक प्राध्यापक और रिमाउंट वेटरिनरी कॉर्प्स (आरवीसी) के सेना अधिकारी शामिल रहे।
प्रशिक्षण के दौरान जूनोटिक रोगों के महत्व तथा मानव और पशु स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर विशेष चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि यहां सीखी गई तकनीकों को वे अपने कार्यक्षेत्र में लागू करेंगे।
कार्यक्रम के सह-निदेशक के रूप में डॉ. आशुतोष फुलार, डॉ. अमित कुमार, डॉ. विशाल चंदर और डॉ. अमीर कुमार सामल ने अहम भूमिका निभाई। अंत में डॉ. आशुतोष फुलार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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