कैंची धाम स्थापना दिवस की बैठक में स्थानीयों की उपेक्षा पर ग्राम प्रधान ने जताई नाराजगी

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भवाली। आगामी 15 जून को आयोजित होने वाले कैंची धाम स्थापना दिवस मेले की तैयारियों को लेकर मन्दिर समिति प्रशासन द्वारा आयोजित बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और ग्रामीणों को आमंत्रित नहीं किए जाने पर ग्राम प्रधान सीमा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
ग्राम प्रधान सीमा ने कहा कि कैंची धाम में हर वर्ष ऐतिहासिक मेला आयोजित होता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले के सफल संचालन में स्थानीय लोगों, व्यापारियों और ग्राम पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, लेकिन इस बार प्रशासन ने बैठक में उन्हें शामिल करना उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब स्थापना दिवस की तैयारियों से संबंधित बैठक में स्थानीय जनता के प्रतिनिधियों, व्यापार मंडल और ग्रामीणों को नहीं बुलाया गया। इससे स्थानीय लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि यातायात, पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं से सबसे अधिक प्रभावित स्थानीय निवासी ही होते हैं, इसलिए उनकी राय और सुझाव भी लिए जाने चाहिए थे। ग्राम प्रधान ने प्रशासन कहा कैंची धाम से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय और बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों एवं ग्रामीणों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए था, ताकि मेले का संचालन बेहतर ढंग से हो सके और स्थानीय समस्याओं का समय रहते समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने कहा कि कैंची धाम केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की आस्था और पहचान का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े निर्णयों में स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।कहा आगे इस तरह का रवैया प्रशासन का रहा तो हमारी तरफ से भी आगे किसी तरह का सहयोग नही किया जाएगा।

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