वनभूलपुरा से नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर ले जाने और उन्हें मुंबई तक पहुंचाने की योजना के मास्टर माइंड आरोपी किशोर का मामा अब्दुल शमी और उसका दोस्त आमिल निकले। मंगलवार को कोतवाली के बहुद्देशीय भवन में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी पीएन मीणा ने मीडिया को यह जानकारी दी।
एसएसपी मीणा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी और नाबालिगों की बरामदगी के बाद पूछताछ में पुलिस को यह खुलासा हुआ है। यह भी सामने आया कि किशोर के आरोपी मामा शमी ने कुछ साल पहले अन्य समुदाय की युवती से प्रेम विवाह किया था। शमी ने ही अपने नाबालिग भांजे को भरोसा दिलाया कि वह छात्राओं को लेकर जब हल्द्वानी से निकलेगा तो वह उनकी शादी भी कराएगा और उनके रहने का इंतजाम भी कराएगा। पुलिस को पता चला है कि छात्राओं को साथ ले जाने के आरोपी किशोर का मुजफ्फरनगर निवासी दोस्त आमिल लापता हुई 13 वर्षीय छात्रा से पहले से संपर्क में था। तीन साल पहले उसने हल्द्वानी में मार्बल का काम किया था। फिलहाल उसका काम मुंबई में चल रहा है। उसने ही हल्द्वानी से बदायूं फिर वहां से दिल्ली और दिल्ली से मुजफ्फरनगर बुलाते हुए मुंबई तक जाने की योजना तैयार की थी। एसएसपी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में किशोर और छात्राओं को छिपाकर रखने और उन्हें बरेली से दिल्ली की ट्रेन में बिठाने का काम आरोपी किशोर की बहन नूरीन और बहनोई उजैर ने किया।
एसएसपी ने बताया कि किशोर का फोन बदायूं के बाद से बंद था। उसकी बहन ने दो हजार रुपये देकर उसे छात्राओं के साथ दिल्ली रवाना किया लेकिन दिल्ली में उसके पास रुपये खत्म हो गए। किशोर ने अपना मोबाइल एक हजार में बेचकर सिम तोड़ दिया। आगे की योजना के लिए रेलवे स्टेशन पर किसी का फोन लेकर आमिल को कॉल किया। इधर, पुलिस आमिल का नंबर सर्विलांस पर लगा चुकी थी। इसे ट्रेस करती पुलिस टीम मुजफ्फरनगर पहुंची और आमिल दबोचा। आमिल ने आरोपी किशोर से दोनों छात्राओं को लेकर मुजफ्फरनगर पहुंचने के लिए कहा था। पुलिस टीम भी यहां उनके पहुंचने का इंतजार कर रही थी।
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