श्रीहित केली कुंज पहुंची सांसद हेमामालिनी ने संत प्रेमानन्द महाराज के दर्शन किये। प्रेमानन्द ने उन्हें समाज के बीच जाने और समय बिताने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब समाज प्रियता बढ़ेगी तो आप और आगे जाएंगी, लेकिन सफलता में मिलने वाले हर्ष में डूबना नहीं है, गंभीर रहना है और असफलता में शोक नहीं मनाना है।
शनिवार को सांसद हेमामालिनी चेन्नई से आये अपने भाई कनेंद्र चक्रवर्ती के साथ परिक्रमा मार्ग स्थित केली कुंज पहुंची। एकांतिक वार्ता स्थल पर प्रेमानन्द महाराज का आशीर्बाद प्राप्त किया। इस दौरान सफलता और असफलता के विषय पर संत प्रेमानन्द ने उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सफलता मिलने पर हर्ष में न डूबकर गंभीर रहना चाहिए। असफलता में कभी शोक नहीं मनाना चाहिए। प्रभु की इच्छा कभी असफलता नहीं दिलाती, वो तो विजयश्री दिलाती है। अगर असफलता मिलती है तो मतलब कहीं कोई त्रुटि हो गई है।
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जैसे आपका पद है (हेमा की तरफ इशारा करते हुए) समाज प्रियता का। आपको समाज में जाकर सहज़ रूप में सभी से मिलना चाहिए। लोगों की बातें, उनकी मांगें सुननी चाहिए। तब लोकप्रियता इतने पद में नहीं टिकेगी, आगे भी बढ़ा सकती है, इस समय हमारे देश के राष्ट्रपति पद पर देवी ही बैठी हैं इसलिए कदम इतने पर ही नहीं रोकने हैं, और भी आगे बढ़ सकते हैं।
सांसद ने कहा कि वह अपने निवास पर लोगों से मिलती हैं, जगह-जगह जाती भी हैं, लेकिन समयाभाव के कारण कभी कहीं नहीं जा पाती। प्रेमानन्द ने कहा कि समाजप्रियता, लोकप्रियता के लिए समय देना होगा।
लेटैस्ट न्यूज़ अपडेट पाने हेतु -
👉 वॉट्स्ऐप पर हमारे समाचार ग्रुप से जुड़ें

