लोकसभा चुनाव के लिए तीन सीटों पर आसानी से टिकट फाइनल होने के बाद पार्टी में दो सीटों-हरिद्वार व नैनीताल का मामला पेचीदा बना हुआ है। हरिद्वार सीट से टिकट के लिए पूर्व सीएम हरीश रावत और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा लगातार दिल्ली में डटकर अपना दावा पुख्ता करने में लगे हैं। वहीं नैनीताल सीट से भी टिकट के कई दावेदार होने से मामला लंबा खिंच रहा है।
उत्तराखंड की पांचों संसदीय सीटों पर भाजपा जहां प्रत्याशी उतार चुकी है, वहीं कांग्रेस में हरिद्वार और नैनीताल का सस्पेंस अब भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच, प्रमुख दावेदारों ने अंतिम समय में जोर लगाने के लिए दिल्ली में डेरा डाल दिया है। इस क्रम में पूर्व सीएम हरीश रावत बीते दो दिन से जहां दिल्ली में जमे हैं, वहीं प्रदेश अध्यक्ष माहरा भी गुरुवार को अपनी कोर टीम के साथ दिल्ली पहुंच गए। इसके बाद माहरा ने उत्तराखंड में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी शैलजा कुमारी के साथ ही दीपिका पांडेय से निजी मुलाकात की। साथ ही कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के कार्यालय तक भी अपनी बात पहुंचाई है। इस तरह हरिद्वार सीट से टिकट, अब हरीश रावत और करन माहरा के बीच फंस गया है। एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री रावत और दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष माहरा के होने से कांग्रेस के लिए फैसला लेना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
उधर, नैनीताल से यशपाल आर्य, भुवन कापड़ी,रंजीत सिंह रावत, प्रकाश जोशी और महेंद्र पाल जैसे कई दावेदार होने से टिकट में समय लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अब केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक शुक्रवार या शनिवार को होने की उम्मीद है। पूरी संभावना है कि इस बैठक में उत्तराखंड की बची दोनों सीटों के लिए नामों की घोषणा कर दी जाएगी।
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