पिछले साल के 77 हजार करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले बजट का आकार 15 प्रतिशत तक बढ़ाया गया। महिला सशक्तिकरण के लिए जेंडर बजट के तहत 14 हजार 538 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में कोई नया कर प्रस्तावित नहीं है।
भोजनावकाश से पहले बजट पेश करने की नई परंपरा स्थापित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के साथ वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल सदन में पहुंचे। वित्त मंत्री ने दोपहर 12.30 बजे सदन में बजट को रखा। राज्य निर्माण आंदोलनकारियों, देश की सुरक्षा में शहीद सैनिकों की श्रद्धाजंलि देते हुए वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उत्तराखंड के परिप्रेक्ष्य में लिखी कविता के साथ भाषण की शुरूआत की।
उन्होंने कहा कि बजट उन्नत उत्तराखंड, सुशासित उत्तराखंड और क्षमतावान उत्तराखंड की त्रिवेणी पर आधारित है। इसकी आत्मा समावेशी एवं सर्वस्पर्शी विकास है। और इसकी मंजिल अग्रणी उत्तराखंड है। वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2024-25 में कुल व्यव 89230.07 करोड़ रुपये अनुमानित है। इसमें 55915.77 करोड़ रुपये राजस्व लेखे का व्यय है। जबकि 33414.30 करोड़ रुपये पूंजी लेखे हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि नए बजट में कोई राजस्व घाटा अनुमानित नहीं है। बल्कि इस वर्ष 4737.13 करोड़ रुपये का सरप्लस राजस्व की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजकोषीय घाटा 9416.43 करोड़ रुपये तक हो सकता है।
हालांकि यह सकल राज्य घरेलू उत्पादन का केवल 2.38 प्रतिशत है। यह एफआरबीएस एक्ट की सीमा के अधीन है। टॉप 10 फोकस सेक्टर
सेक्टर
बजट (करोड़ रुपये)
- स्वास्थ्य और शिक्षा 15376
- अवसंरचना विकास 13780
- गरीब कल्याण 5658
- ग्राम्य विकास 2910
- शहरी विकास 2565
- किसान 2415
- तकनीकी-उच्च शिक्षा 1145
- युवा कल्याण 534
- महिला कल्याण 574
- इकोलॉजी- ईकोनॉमी 487
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