आयकर रिटर्न प्रारूप जारी न होने से करदाता और अधिवक्ता परेशान

ख़बर शेयर करें

कर निर्धारण वर्ष 2026–27 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) का प्रारूप अब तक जारी नहीं होने से करदाता और अधिवक्ता परेशान हैं। हर साल एक अप्रैल तक रिटर्न फॉर्म जारी हो जाते हैं, लेकिन इस बार देरी के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बैंकिंग कार्य, लोन प्रोसेस और आय प्रमाण से जुड़े कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं।

टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन पांडे के अनुसार, रिटर्न फॉर्म समय पर जारी न होने से करदाताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लोग लगातार जानकारी के लिए संपर्क कर रहे हैं, लेकिन स्पष्ट दिशा-निर्देश न होने से परेशानी बढ़ रही है।

यह भी पढ़ें 👉  ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल के प्रोफेसर लगातार तीसरे वर्ष विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल

वहीं, टैक्स बार एसोसिएशन के उपसचिव मनु अग्रवाल के अनुसार , वित्तीय वर्ष 2025–26 की चौथी तिमाही का टीडीएस रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मई है। टीडीएस डेटा समय पर अपडेट न होने से रिफंड और टैक्स गणना में भी देरी हो रही है।

टैक्स बार एसोसिएशन, रामनगर ने आयकर रिटर्न में हो रही देरी पर अपना रोष व्यक्त किया है। एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026 के आयकर रिटर्न को 1 अप्रैल 2026 तक जारी कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन 30 दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद रिटर्न जारी नहीं किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  कैंची धाम में जाम पर अजय टम्टा सख्त, वैकल्पिक मार्गों का बनेगा प्लान

इसके कारण कई आयकरदाताओं के बैंक और वीजा से जुड़े कार्य अटक गए हैं, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि सरकार ने अप्रैल से जुलाई तक आयकर रिटर्न भरने का समय दिया था, लेकिन अब तक रिटर्न प्रारूप जारी नहीं किया गया। उन्होंने सरकार की लापरवाही पर गहरी चिंता जताई और कहा कि इसका खामियाजा आयकरदाताओं को उठाना पड़ रहा है।

एसोसिएशन ने इस समस्या के समाधान के रूप में आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर करने की मांग की है, ताकि आयकरदाताओं को अतिरिक्त समय मिल सके और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।

यह भी पढ़ें 👉  वीकेंड पर कैंची धाम में ट्रैफिक प्लान लागू, ग्राउंड जीरो पर उतरे अधिकारी,पार्किंग से मंदिर तक शटल सेवा, एंट्री पॉइंट पर वाहनों को लगाए जा रहे स्टीकर

करदाताओं की मांग है कि विभाग शीघ्र प्रारूप जारी करे, ताकि वे समय पर रिटर्न दाखिल कर सकें और किसी प्रकार की पेनल्टी से बच सकें।

इस संबंध में अधिवक्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रबल बंसल, भूपाल रावत, फिरोज अंसारी, मनोज अग्रवाल, लईक अहमद, नावेद सैफी और गुलरेज़ रज़ा उपस्थित रहे।

Join WhatsApp Group

You cannot copy content of this page