भवाली। आरोही संस्था रामगढ के सतोली की ओर से आयोजित पांच दिवसीय 23वें ग्रामीण हिमालय हाट-2026 का मंगलवार को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, बाल प्रतियोगिताओं और बंपर ड्रॉ के विजेताओं की घोषणा के साथ समापन हो गया। मेले के अंतिम दो दिनों में स्थानीय कलाकारों और बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं, आधार संशोधन शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को जनसेवा का लाभ भी मिला। समापन अवसर पर संस्था के वरिष्ठ कार्यकर्ता वसंत थापा को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
मेले के चौथे दिन स्वरचना कला समिति नथुवाखान के कलाकारों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। शिव तांडव की ऊर्जावान प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्तराखंड की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कार्यक्रमों ने आयोजन को खास बनाया। वहीं, बच्चों के लिए आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में नन्हे प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। विजेताओं को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए 26 और 27 अक्टूबर को आरोही बाल संसार विद्यालय में आधार संशोधन शिविर लगाया गया। शिविर में करीब 100 लोगों ने आधार कार्ड में आवश्यक संशोधन कराए। इससे ग्रामीणों को आधार संबंधी सेवाओं के लिए अन्य स्थानों पर जाने की परेशानी से राहत मिली। मेले के चौथे दिन दयाल ट्रस्ट के अध्यक्ष ने आयोजन स्थल का भ्रमण कर आरोही आरोग्य केंद्र और मोबाइल मेडिकल यूनिट का अवलोकन किया। वहीं, पांचवें दिन केनरा बैंक अल्मोड़ा के प्रबंधक राम जी और उनकी टीम ने भी समापन कार्यक्रम में भाग लिया।समापन समारोह में आरोही संस्था के वरिष्ठ कार्यकर्ता वसंत थापा को सम्मानित किया गया। वह 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। संस्था के अधिशासी निदेशक डॉ. पंकज तिवारी, हाट संयोजक चंद्रशेखर, डॉ. नारायण सिंह, पूरन नयाल समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने उन्हें सम्मानित कर संस्था के प्रति उनके योगदान की सराहना की। इस अवसर पर संस्था से लंबे समय तक जुड़े रहकर सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के योगदान को भी याद किया गया।
बंपर ड्रॉ में इन विजेताओं ने जीते पुरस्कार
मेले के अंतिम दिन बंपर ड्रॉ के विजेताओं की घोषणा की गई। प्रथम पुरस्कार कुकुना के नारायण सिंह धौनी ने जीता, जिन्हें फ्रिज दिया जाएगा। द्वितीय पुरस्कार के लिए कूल की रानी और अल्मोड़ा की दीप्ति साह का चयन हुआ। तृतीय पुरस्कार के विजेताओं में चमुआ, बड़ेछीना के गोविन्द सिंह, म्योड़ा की रूहिका और क्वारब के देवेंद्र सिंह शामिल रहे।
चतुर्थ पुरस्कार सुपई के कुनाल जडौत, भियाल गांव के अक्षत, सतखोल की सृष्टि कुमारी और भियाल गांव की माही को मिला। पंचम पुरस्कार कुकुना के कैलाश चन्द्र, पाथरी के खीम सिंह नेगी, क्वारब की साक्षी मेहरा, ओखलकांडा की दीपा मेवारी और प्यूड़ा के जगदीश चन्द्र ने जीता। सांत्वना पुरस्कार के लिए सुपई की मधुली देवी, प्यूड़ा की बबीता, ओखलकांडा के शेर सिंह, छतौला की साक्षी आर्या, ओखलकांडा की ममता बिष्ट, अल्मोड़ा की निशा ढेला, बागेश्वर की यशी गरिया, दियारी की इन्द्रा, कपकोट की रेखा और शिमायल की बिना कपिल का चयन हुआ।
समापन अवसर पर हाट के पदाधिकारियों, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और आरोही संस्था के कार्यकर्ताओं सहित अन्य लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने कलाकारों, प्रतिभागियों, स्टॉल संचालकों और आयोजन में सहयोग देने वाले लोगों का आभार जताया। पांच दिवसीय आयोजन ने ग्रामीण संस्कृति, स्थानीय प्रतिभाओं और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के साथ जनसेवा की गतिविधियों को भी मंच प्रदान किया।
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