राहुल गांधी को मंदिर में प्रवेश न करने देना असंवैधानिक,महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष खष्टी बिष्ट

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भवाली। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष खष्टी बिष्ट ने पत्रकारों को बताया कि कांग्रेस के ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के द्वितीय चरण के दौरान असम में घटनाक्रम बेहद शर्मनाक और अलोकतांत्रिक है। महिला कांग्रेस, नैनीताल इसकी भर्त्सना करते हुए केंद्र सरकार के इस असंवैधानिक कृत्य का विरोध करती है। भाजपा के 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान जिस कांग्रेस पार्टी ने भारत को गुलामी की से आजाद कर भारत को विकासशील देशों के अग्रिम पंक्ति में लाकर खडा किया, उसी पार्टी के वरिष्ठ नेता कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को असम के मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया गया था। इसका विरोध किए जाने पर इस मामले को कानून और व्यवस्था से जोड़ दिया गया और प्रशासनिक तंत्र ने भाजपा समर्थित असम राज्य में लोकतंत्र का गला घोंटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने आगे कहा कि
राहुल गांधी बार-बार कहते रहे कि- ‘ उन्होंने क्या अपराध किया है कि वो मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते।
कहा अयोध्या में राम के नाम पर अपनी राजनीतिक चमकाने और केंद्र बिंदु बनाकर 2024 का चुनाव जीतने का ख्वाब देखने वाली पार्टी अब विपक्ष का विरोध नहीं, उसे कुचल देना चाहती है। संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित करके केंद्र सरकार राहुल गांधी को कहीं भी आगे आने से रोकने के लिए कार्यपालिका व प्रशासनिक व्यवस्थाओं का भरपूर दुरुपयोग कर रही है। जिस सरकार से महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी और महिलाओं पर हो रहे गंभीर अपराध पर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हों, वह आम जनता को मंदिर और मैं दर्शन करने तक नहीं जाने दे रही है। और देश की भोली भाली जनता को राम मंदिर के नाम पर बरगला रही है।
महिला कांग्रेस नैनीताल राहुल गांधी को मंदिर प्रवेश पर रोकने पर असम सरकार व प्रशासन की घोर निंदा करती है।

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