भीमताल क्षेत्र में पहचान छिपाकर युवतियों का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण करने वाले मुख्य आरोपी मोहम्मद यूनुस को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को नैनीताल क्षेत्र से पकड़े गए आरोपी को कोर्ट में पेशी के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
तहरीर के अनुसार, आरोपी यूनुस फोटोग्राफी, वीडियो शूट, हाइकिंग और म्यूजिक सेशन जैसे माध्यमों से युवतियों से संपर्क साधता था। वर्ष 2020 में एक पीड़िता से उसने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर दोस्ती की। आरोपी ने विश्वास जीतने के बाद पीड़िता से कैमरा, लेंस, मैक मिनी और आईफोन जैसे महंगे उपकरणों पर करीब 17 लाख रुपये खर्च करवाए। शादी की बात आने पर आरोपी की असल पहचान उजागर हुई, जिसके बाद उसने पीड़िता पर खान-पान और पहनावा बदलने सहित धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर पीड़िता के साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया। पीड़िता ने अन्य युवतियों के भी शिकार होने की आशंका जताते हुए वायरल ऑडियो-वीडियो हटाने और सुरक्षा की गुहार लगाई थी। एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर एसआईटी और एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई थी। आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी, लेकिन राहत नहीं मिली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (3/5) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115, 319, और 69 के तहत मामला दर्ज किया है। एसएसपी ने गठित विशेष पुलिस टीम भीमताल पुलिस, एसआईटी, एसओजी की संयुक्त टीम ने एसपी क्राइम नैनीताल डॉ. जगदीश चन्द्र के पर्यवेक्षण में संभावित स्थानों पर दबिश दी। जिसके फरार आरोपी मो. यूनुस को नैनीताल क्षेत्र से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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