भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए अधिकारियों के स्थानांतरण और तैनाती को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आयोग की नीति के अनुसार, चुनाव से सीधे जुड़े किसी भी अधिकारी को उनके गृह जिले या उन स्थानों पर तैनात नहीं किया जाएगा, जहां उन्होंने लंबी सेवा दी है। जिन अधिकारियों ने पिछले चार वर्षों में किसी जिले में तील साल पूरे कर लिए हैं या 31 मार्च 2027 तक पूरे करने वाले हैं, उनका अनिवार्य ट्रांसफर होगा। यह नियम डीएम, एसडीएम, तहसीलदार, विकास अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ आबकारी व परिवहन विभाग के अधिकारियों पर लागू होगा।
वहीं, 31 मार्च 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों को ट्रांसफर से छूट रहेगी। डॉक्टरों, इंजीनियरों, शिक्षकों और राज्य मुख्यालय पर तैनात कर्मियों को भी ट्रांसफर नीति से बाहर रखा गया है। निष्पक्ष चुनाव के लिए आपराधिक मामले या अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे अधिकारियों को चुनावी ड्यूटी से दूर रखा जाएगा।
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