जंगल की आग में झुलसने से व्यक्ति की मौत

ख़बर शेयर करें

श्रीनगर। श्रीनगर से करीब 12 किमी दूर नयालगढ़ के जंगल में लगी आग की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि वह मंदिर में दीया जलाने गए थे, लेकिन ऊपर की ओर आग लगी देखकर उसे बुझाने के लिए पहुंच गए थे। उधर, वन विभाग का कहना है कि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी।

हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब निवासी दुर्गा प्रसाद सुंद्रियाल (62) नवरात्र पूजा के लिए परिवार के साथ नयालगढ़ पहुंचे थे। प्रधान कैलाश नौडियाल ने बताया, 16 अप्रैल को शाम करीब पांच बजे गांव से कुछ दूर स्थित मंदिर में दीया जलाने गए थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं आए। ग्रामीणों ने तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। अगले दिन सुबह उनका शव जंगल में जली हुई अवस्था में मिला।

यह भी पढ़ें 👉  निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने पीएचसी ज्योलीकोट का किया निरीक्षण, पीलिया नियंत्रण हेतु 9 सूत्रीय कड़े निर्देश जारी

साथ ही आसपास जंगल का भी काफी हिस्सा जला हुआ था। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। श्रीनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुनील रावत का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण की

यह भी पढ़ें 👉  विपिन चंद्र को नैनीताल-अल्मोड़ा का प्रभारी बनाए जाने पर कांग्रेसियों ने दी बधाई

स्थिति स्पष्ट होगी।

ग्रामीणों का कहना है कि जब दुर्गा प्रसाद मंदिर में दीया जलाने गए थे, तो मंदिर के ऊपर की तरफ जंगल में आग लगी हुई थी। जंगल की आग मंदिर तक न पहुंचे इसके लिए ऊपर की तरफ चले गए, लेकिन आग काफी भीषण थी और दुर्गा प्रसाद इसके बीच में फंस गए और जलकर मौत हो गई।

यह भी पढ़ें 👉  समाजसेवी शीलू कुमार के कांग्रेस में शामिल होने के बाद समर्थकों में उत्साह,नैनीताल सीट पर बढ़ी राजनीतिक हलचल

सिविल सोयम वन प्रभाग, श्रीनगर गढ़वाल के रेंजर आरपी कुकरेजा ने कहा कि नयालगढ़ में जंगल में एक व्यक्ति के जलकर मौत होने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। जरूरी कार्रवाई पूर्ण करने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। जिला प्रशासन के माध्यम से मुआवजा व आगे की अन्य प्रक्रिया पूरी होगी।

Join WhatsApp Group
Ad Ad Ad

You cannot copy content of this page