आईवीआरआई मुक्तेश्वर में पशुधन प्रसार एवं जलवायु अनुकूल पशुपालन पर इंटरफेस मीट आयोजित

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आईवीआरआई मुक्तेश्वर में पशुधन प्रसार एवं जलवायु अनुकूल पशुपालन पर इंटरफेस मीट आयोजित
ICAR-Indian Veterinary Research Institute मुक्तेश्वर में गुरुवार को पशुधन प्रसार एवं जलवायु अनुकूल पशुपालन विषय पर इंटरफेस मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ICAR-Agricultural Technology Application Research Institute तथा उत्तराखण्ड के कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से हाइब्रिड माध्यम से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के 13 कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों, अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों एवं विषय विशेषज्ञों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईवीआरआई मुक्तेश्वर के संयुक्त निदेशक Dr. Y. P. S. Malik ने की। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में पशुधन आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए अनुसंधान संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों एवं किसानों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं अटारी लुधियाना के निदेशक Dr. Parvinder Sheoran ने कृषि तकनीकों के प्रभावी हस्तांतरण के लिए संस्थानों और किसानों के बीच मजबूत सहयोग को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के समन्वयक Dr. Amol Gurav ने बताया कि इंटरफेस मीट का उद्देश्य शोधकर्ताओं, प्रसार कर्मियों एवं किसानों के बीच संवाद स्थापित कर क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान हेतु संयुक्त कार्ययोजना तैयार करना है।
तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने जैविक एवं जलवायु अनुकूल कृषि-पशुपालन पर व्याख्यान दिए। Dr. C. L. Patel ने पशुधन स्वास्थ्य एवं उत्पादन संबंधी तकनीकों की जानकारी दी। Dr. Mahesh Chander ने पर्वतीय क्षेत्रों में जैविक एवं प्राकृतिक खेती की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। Dr. Sher Singh ने जैविक खाद उत्पादन एवं मृदा स्वास्थ्य सुधार पर चर्चा की। वहीं Dr. Madhusudan A. P. ने जलवायु परिवर्तन के पशुधन उत्पादन पर प्रभावों की जानकारी दी। Dr. Pootan Singh ने संतुलित पोषण एवं वैज्ञानिक आहार प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया।
संवाद सत्र में किसानों ने वन्यजीवों के बढ़ते प्रकोप, शीतोष्ण क्षेत्रों के लिए उपयुक्त चारा प्रजातियों की आवश्यकता, पशुधन उत्पादों के विपणन तथा आईवीआरआई तकनीकों के क्षेत्रीय प्रदर्शन जैसे मुद्दे उठाए। कृषि विज्ञान केंद्रों एवं अटारी अधिकारियों ने किसान सारथी 2.0 पोर्टल के प्रचार-प्रसार तथा व्यवहारिक प्रसार साहित्य तैयार करने की अनुशंसा की।
बैठक में आईवीआरआई मुक्तेश्वर, अटारी लुधियाना एवं कृषि विज्ञान केंद्रों के बीच भविष्य की संयुक्त कार्ययोजना भी तैयार की गई। इसमें पर्वतीय क्षेत्रों हेतु जलवायु अनुकूल पशुपालन पद्धतियों का विकास, क्षेत्रीय प्रदर्शन कार्यक्रम, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा तथा प्रभावी पशुधन प्रबंधन के लिए पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज विकसित करने पर सहमति बनी।
समापन अवसर पर किसानों को कृषि उपकरण वितरित किए गए। Dr. Raghavendra Bhatta ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर पूरी टीम को बधाई दी। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. अमोल गुरव, डॉ. नितीश सिंह खरायत एवं डॉ. सैयद नबील आबेदीन द्वारा किया

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