पंचायत चुनाव::नैनीताल और यूएस नगर जिलों में भी लोगो ने कराई 12 सौ से अधिक आपत्ति दर्ज

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उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत हरिद्वार जिले को छोड़कर शेष 12 जिलों में अनंतिम आरक्षण के प्रस्तावों पर सामने आईं आपत्तियों पर सुनवाई शुरू हो गई है। 12 जिलों में विभिन्न पदों पर कुल 4265 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। नैनीताल और यूएस नगर जिलों में भी लोग 12 सौ से अधिक आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। सोमवार को इन पर सुनवाई शुरू हो गई, जो मंगलवार को भी जारी रहेगी। इसके बाद 18 जून को आरक्षण प्रस्ताव का अंतिम प्रकाशन कर निदेशालय को भेज दिया जाएगा।

सर्वाधिक आपत्तियां 791 यूएसनगर जिले से प्राप्त हुई हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर अल्मोड़ा 500 और तीसरे नंबर पर उत्तरकाशी से 457 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। नैनीताल में 430 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। नैनीताल जिले में सबसे अधिक शिकायतें रिजर्व सीटों को सामान्य करने के लिए दर्ज कराई गई हैं।

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हल्द्वानी ब्लॉक में जिला पंचायत सदस्य 3, प्रमुख 1, क्षेत्र पंचायत सदस्य 29 व ग्राम प्रधान पद पर 54 आपत्तियां मिली हैं। रामगढ़ में जिपं सदस्य 6, क्षेत्र पंचायत सदस्य 7 व ग्राम प्रधान के लिए 18 आपत्तियां आईं है। बेतालघाट में क्षेत्र पंचायत सदस्य 8 तथा ग्राम प्रधान पद पर 36 आपत्तियां दर्ज हुई हैं। धारी में जिपं सदस्य 3, क्षेत्र पंचायत सदस्य 7, ग्राम प्रधान पद पर 9 आपत्तियां दर्ज हुई हैं। रामनगर में जिपं सदस्य एक, प्रमुख 1, क्षेत्र पंचायत सदस्य 16 व ग्राम प्रधान के लिए 15 आपत्तियां मिली हैं। कोटाबाग में जिपं सदस्य 7, प्रमुख 4, क्षेत्र पंचायत सदस्य 16 तथा ग्राम प्रधान 23 आपत्ति दर्ज की हैं। ओखलकांडा में जिपं सदस्य 1, प्रमुख 2, क्षेत्र पंचायत सदस्य 13 व ग्राम प्रधान 25, भीमताल में जिपं सदस्य 3, प्रमुख 2, क्षेत्र पंचायत सदस्य 13 तथा ग्राम प्रधान पद पर 23 आपत्तियां दर्ज हुई हैं। सीडीओ अनामिका ने बताया कि 18 जून को अंतिम प्रकाशन होगा और 19 जून को नामों की सूची आयोग को भेजी जाएगी।

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विशेष सॉफ्टवेयर का लाइव प्रदर्शन किया

राज्य निर्वाचन आयोग व राज्य सूचना विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने मंडलभर के आए चुनाव अधिकारियों को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की तकनीकी जानकारी दी। मौके पर एनआईसी की ओर से विकसित विशेष सॉफ्टवेयर का लाइव प्रदर्शन किया गया। साथ ही अधिकारियों को मतदाता प्रबंधन, मतदाता सूची अपलोड, मतदान किट, मतपेटी प्रबंधन, निर्वाचन प्रमाण पत्र, मतगणना एवं निर्वाचन व्यय सीमा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

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