धारी । तहसील धारी की वन पंचायत मझेला सरना में बरसात के मौसम के बीच पेड़ों पर बिजली विभाग की लाइटें लगाए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाहरी लोगों द्वारा पेड़ों पर विद्युत लाइटें लगाई गई हैं, जिससे करंट फैलने की आशंका बनी हुई है। खासकर बारिश के दिनों में यह व्यवस्था बच्चों, ग्रामीणों और मवेशियों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान पेड़ों और आसपास की जमीन में नमी अधिक रहती है। ऐसे में पेड़ों पर विद्युत उपकरण अथवा तार लगाए जाने से किसी भी समय हादसा हो सकता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि वन पंचायत क्षेत्र में पेड़ों पर बिजली की लाइटें लगाने की अनुमति किसने दी और विद्युत विभाग ने सुरक्षा मानकों की जांच क्यों नहीं की?
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन पंचायत और संबंधित विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। यदि लाइटें और विद्युत तार अनधिकृत रूप से लगाए गए हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
इस संबंध में जब वन पंचायत सरपंच से फोन पर जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में मामले को लेकर स्थिति और अधिक स्पष्ट नहीं हो सकी है।जो की काई सालो से चल रहा हैं इसमें धारी प्रशासन व सरपंच आँखे बन्द किये हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर पेड़ों पर लगाए गए विद्युत उपकरणों और तारों की सुरक्षा जांच कराए तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले ही खतरे को टाला जा सके।
बरसात में पेड़ों पर बिजली की लाइटें लगाना आखिर किसकी अनुमति से हुआ? यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस सबंध में उपजिलाधिकारी धारी फोन कर सम्पर्क किया गया लेकिन फोन नहीं उठाया गया।
रेंजर विजय भट्ट का कहना हैं इस सबंध में टीम भेजी जायेगी जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
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