यमुना एक्सप्रेसवे पर मथुरा के पास मंगलवार तड़के कोहरा 13 लोगों के लिए काल बन गया। दृश्यता शून्य होने के कारण आपस में टकराने से वाहनों में आग लग गई, जिससे ये यात्री जिंदा जल मरे। हादसा इतना भीषण था कि सौ से अधिक घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आगरा से नोएडा की ओर आने के दौरान बलदेव के पास माइलस्टोन 127 पर सुबह करीब चार बजे हादसा हुआ। घने कोहरे के कारण आगे चल रहा वाहन डिवाइडर से टकराकर संतुलन खो बैठा। इसके बाद पीछे से आ रहे वाहन एक के बाद एक टकराते चले गए। इससे वाहनों में आग लग गई। गहरी नींद में सो रहे यात्रियों की तेज आवाज से आंख खुली तो चीख-पुकार मच गई। वे जान बचाने के लिए जलते वाहनों से कूदने लगे। आशंका है कि सीएनजी वाहन में विस्फोट से आग लगी। दमकलों ने जब तक आग पर काबू पाया, 14 वाहन जल चुके थे। इनमें आठ बसें और एक कार शामिल है। ये बसें यूपी, बिहार, अरुणाचल प्रदेश से दिल्ली आ रही थीं।
मृतकों के आश्रितों को मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा, मेरी संवेदनाएं अपनों को खोने वाले परिवारों के साथ हैं। प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार की मदद देने का ऐलान किया है।
डीएनए से होगी पहचान
जिलाधिकारी मथुरा सीपी सिंह ने मृतकों में से तीन लोगों की पहचान की पुष्टि की है। इनमें पश्चिमी दिल्ली निवासी रामपाल, गोंडा निवासी सुल्तान अहमद, प्रयागराज के अखलेन्द्र प्रताप यादव शामिल हैं। अन्य मृतकों की पहचान के लिए अवशेषों के नमूने रखे गए हैं। इनका मिलान डीएनए टेस्ट से उनके परिजनों से कराया जाएगा।
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