भवाली। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के छात्रों ने भारतीय संसद का दौरा किया। बच्चों ने भारतीय संसद के इतिहास और देश के लिए फैसले लेने वाले कक्ष को नजदीक से देखा। भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सभी के साथ चर्चा की। उपराष्ट्रपति ने बच्चों को गुज़रे समय के बाद काफी कम समय में देश में आए बड़े बदलाव के बारे में बताया। जगदीप धनखड़ ने कहा कि किस तरह 1990 के समय भारत की अर्थव्यवस्था लंदन और अन्य शहरों से भी कम थी, और आज इंग्लैंड से भी ज़्यादा है। चंद्रयान की सफलता और वैज्ञानिकों के समर्पण का भी इस वार्ता में वर्णन हुआ। एनडीए में हर वर्ष चयनित होने वाले अभ्यर्थियों में सैनिक स्कूल के बच्चों की भागीदारी पर भी उपराष्ट्रपति ने ख़ुशी जताई। बच्चों ने भी इस वार्ता में प्रशनों का उत्तर दिए। स्वास्थ्य की विशेषता बच्चों को बताई गई। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बताया बच्चों से कहा जैसे कंप्यूटर एक बार खुल कर खुलता ही जाता है वैसे ही अथर्वेद में भी स्वास्थ्य की ऐसी कई विधियां हैं जो अनंत हैं”। उप राष्ट्रपति ने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के बच्चों से कहा कि उत्तम स्वास्थ्य से हर लक्ष्य भेदा जा सकता है और तनावरहित जीवन जिया जा सकता है। उन्होंने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के सभी बच्चों को अपने दौरे के बारे में एक निबंध लिखने को कहा, निबंध लिखने के लिए सभी बच्चों को एक महीने का समय दिया गया है। सबसे अच्छा निबंध लिखने वाले छात्र का चयन कर उसे एक दिन के लिए संसदीय कार्यवाही को देखने और समझने का अवसर दिया जाएगा। सैनिक स्कूल प्रधानचार्य विजय सिंह डंगवाल ने बताया कि बच्चों ने भृमण के दौरान जीवन सफल बनाने के लिए कई नई चीजें सीखी है। कहा कि गुरुवार से संसद की टीम सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की डाक्यूमेंट्री बनाएगी।
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