कैसे हटवाएं अपना नाम फॉर्म-7 है समाधान
निर्वाचन आयोग ने नाम हटाने की प्रक्रिया को बेहद सरल और डिजिटल बना दिया है। मतदाता घर अपना नाम कटवा सकते हैं। इसके लिए डिजिटल माध्यम का उपयोग किया जा सकता है। वोटर हेल्पलाइन ऐप डाउनलोड करें या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल की वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद जिस विधानसभा क्षेत्र से आप अपना नाम हटवाना चाहते हैं, वहां के लिए ऑनलाइन फॉर्म-7 भरें।
पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण अनिवार्य है। हमारा उद्देश्य नियमानुसार सूची को अपडेट करना है। मतदाताओं से अपील करते हैं कि वे स्वयं आगे आएं और स्वेच्छा से एक स्थान से अपना नाम हटवाएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। – मस्तु दास, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी
देहरादून, यदि आप भी उन लोगों में शामिल हैं, जिनका नाम अपने पैतृक गांव और वर्तमान शहर, दोनों जगहों की मतदाता सूची में दर्ज है, तो अब सतर्क हो जाने का समय है। दो अलग-अलग स्थानों से मतदाता सूची में नाम रखना न केवल अनैतिक है, बल्कि आपको भारी कानूनी मुसीबत में भी डाल सकता है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा-31 के तहत, मतदाता सूची में जानबूझकर झूठी जानकारी देना या दो जगह पंजीकरण बनाए रखना एक दंडनीय अपराध है। इस मामले में दोषी पाए जाने पर मतदाता को एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजाएं एक साथ भुगतनी पड़ सकती हैं।
उत्तराखंड जैसे राज्यों में, जहां शिक्षा और रोजगार के लिए पलायन एक बड़ी वास्तविकता है, अक्सर लोग गांव और शहर दोनों सूचियों में अपना नाम बनाए रखते हैं। हालांकि, अब तकनीक ने इस खेल को मुश्किल बना दिया है। चुनाव आयोग ने आधार लिंकिंग और डेमोग्राफिक सिमीलर एंट्रीज सॉफ्टवेयर मैपिंग की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। वर्तमान में सॉफ्टवेयर प्रणाली इतनी उन्नत हो गई है कि एक ही व्यक्ति की फोटो या विवरण दो अलग सूचियों में होने पर सिस्टम तुरंत अलर्ट जेनरेट कर देता है। डेटा मिलान के जरिए अब दोहरे मतदाताओं को पहचानना बेहद आसान है।
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