मध्यमवर्गीय परिवार से उड़ान भरते हुए भारतीय वायु सेना तक पहुँचे अमन जोशी

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नैनीताल ज़िले के छोटे से गाँव फ़रसोली के अमन जोशी ने अपने परिश्रम, लगन और अनुशासन के बल पर भारतीय वायु सेना में चयन प्राप्त कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने AFCAT परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है और अब वे एयर फ़ोर्स अकादमी में डेढ़ वर्ष तक प्रशिक्षण प्राप्त कर अंडर ट्रेनिंग फ़्लाइंग ऑफ़िसर के रूप में अपनी सेवाएँ देंगे।

अमन जोशी का सफ़र अत्यंत प्रेरणादायक रहा है। वे एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं, जहाँ उनके पिता श्री ओमप्रकाश जोशी, सशस्त्र सीमा बल (SSB) में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। श्री ओमप्रकाश जोशी ने कठिन परिस्थितियों में भी परिवार को मज़बूती से संभाला। श्री ओमप्रकाश जोशी ने अपने बचपन में ही पिता को खो दिया था, जब उनकी आयु मात्र सवा वर्ष की थी। उस समय श्री ओमप्रकाश जोशी की माता श्रीमती शांति देवी ने दूध और लकड़ियाँ बेचकर अपने पुत्र को पाला और शिक्षा दिलाई।

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अमन की माता श्रीमती गीता जोशी एक गृहिणी हैं और स्वयं राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं। उनकी बहन लता जोशी वर्तमान में वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) में यंग प्रोफेशनल के रूप में कार्यरत हैं।

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अमन ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा वुडब्रिज स्कूल से दसवीं कक्षा तक पूरी की और इसके बाद हर्मन ग्माइनर स्कूल, भीमताल से आगे की पढ़ाई की। उन्होंने ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, देहरादून से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में बी.टेक. की डिग्री प्राप्त की।

शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ अमन एक राष्ट्रीय स्तर के फिनस्विमिंग खिलाड़ी भी हैं और उन्होंने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीता है। उन्होंने अपने अनुशासन, फिटनेस और आत्मविश्वास के बल पर न केवल खेलों में बल्कि रक्षा सेवा चयन बोर्ड (SSB) में भी अपनी क्षमता साबित की।

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अमन अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, बहन और मित्रों को देते हैं जिन्होंने सदैव उन्हें मार्गदर्शन और प्रेरणा दी। उनका कहना है —

“यदि दृढ़ निश्चय और ईमानदारी से मेहनत की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।”

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