राज्य में जुआ, बेटिंग, सट्टेबाजी आदि पर अंकुश लगाने के लिए सरकार नया कानून लागू करने जा रही है। इसके तहत जुए से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त लोगों को अपराध के मुताबिक तीन महीने से पांच साल तक की जेल की सजा हो सकती है। पांच हजार से 10 लाख रुपये तक जुर्माना भी लगेगा। कानून को लागू करने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026 लाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इसका मसौदा तैयार कर लिया है। मालूम हो कि वर्तमान में राज्य में केंद्र का वर्ष 1867 का गैंबलिंग एक्ट लागू है।
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उत्तराखंड में जुआ खेलने-खिलाने पर पांच साल की जेल 10 लाख जुर्माना
07/03/2026
सख्त होगी सजा, जुर्माना-अर्थदंड भी लगेगा
● सड़क, गली आदि में सार्वजनिक रूप से जुआ खेलने पर तीन माह का साधारण कारावास, या पांच हजार रुपये जुर्माना या दोनों ही दंड।
● घर में बिठाकर जुआ खिलवाने पर दो साल की जेल या दस हजार रुपये जुर्माना या दोनों ही दंड।
● सिंडीकेट की तरह सट्टेबाजी चलाने पर तीन से पांच साल की जेल, दो से 10 लाख जुर्माना। अथवा दोनों की सजाएं एक साथ लागू होंगी।
● जुआघर चलाने पर पांच साल की जेल या एक लाख जुर्माना या दोनों ही सजाएं एक साथ लागू होंगी।
नए कानून के तहत ये होंगे जुए के अपराध
सड़क किनारे अथवा किसी भी सार्वजनिक स्थल पर पैसे के लेनदेन से जुड़े ताश आदि खेल खेलना, बैटिंग की गतिविधि, सट्टा लगाना, घर में जुआघर चलाना, गिरोहबंद तरीके से जुए का संचालन।
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