- परिवार ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
भवाली। खाड़ी देशों में फंसे लोगों को वापस लाने के लिए जहां जिला प्रशासन कार्रवाई कर रहा है, वहीं नैनीताल जिले के कोटाबाग ब्लॉक के ग्राम अमोटा पाटकोट का एक युवक दुबई में बेहद खराब हालात में जिंदगी गुजारने को मजबूर है।
ग्राम अमोटा पाटकोट निवासी जगदीश चंद्र 34 इन दिनों दुबई के सारदा क्षेत्र में जंगल के पास रहकर किसी तरह रात गुजार रहे हैं। उन्होंने फोन पर अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि वह करीब 18 दिन पहले एक एजेंट के माध्यम से होटल में काम करने के लिए दुबई गए थे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें काम नहीं मिला। और घर पर बात भी नही हो पा रही है। जगदीश ने बताया कि मजबूरी में वह जंगल के पास रहकर दिन काट रहे हैं और रात को सिर्फ बिरयानी खाकर गुजारा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि परिवार से ठीक से बात भी नहीं हो पा रही है। अब जेब मे पैसे भी नही है।
इधर घर पर भी परिवार की स्थिति बेहद चिंताजनक है। जगदीश की मां बेटे की चिंता में बेहद परेशान हैं और उन्होंने खाना पीना तक छोड़ दिया है।
जगदीश के बहनोई चंदन राम ने बताया कि जगदीश के तीन छोटे बच्चे हैं, दो बेटियां जिनकी उम्र 11 और 8 साल है, जबकि एक बेटा 6 साल का है। घर पर उनकी पत्नी और बुजुर्ग मां हैं, जो लगातार उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
परिजनों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द जगदीश को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है।
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