कॉर्बेट में बाघ के हमले की शिकार हुई बुजुर्ग महिला सुखिया को उसके बच्चों ने बचाने का प्रयास किया था। बच्चे शोर मचाते हुए बाघ के पीछे दौड़े लेकिन बाघ महिला को जबड़ों में दबाकर घने जंगलों के बीच ओझल हो गया। मृतका के बेटे और बेटियों ने जंगल के बाहर आकर शोर मचाया और घटना की जानकारी परिजनों को दी। आपबीती बताते हुए महिला की बेटी कई बार बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ी।
शुक्रवार को सांवल्दे पश्चिम में बाघ के हमले से हुई महिला की मौत के बाद ग्रामीण दहशत में है। बताया जा रहा है कि ठंड के दिनों में लकड़ी बीनने के लिए बुजुर्ग महिला रोज जंगल जाती थी। शुक्रवार को वह अपने अपनी 28 वर्षीय बेटी अनीता, 24 वर्षीय बेटी गीता, 14 वर्षीय पुत्र अरुण और एक ग्रामीण के साथ गई हुई थी। बाघ के दहाड़ने की आवाज के बीच महिला की चीखपुकार सुनाई दी तो बेटा और बेटियां महिला की तरफ भागे। बाघ महिला को जबड़ों में दबाकर जंगल की ओर ले गया। उन्होंने बताया कि बाघ ने गर्दन के पीछे हमला कर महिला को अधमरा कर दिया था। महिला के बच्चों ने गांव की ओर दौड़ लगाकर लोगों को घटना की सूचना दी। घटनाक्रम बताते हुए कई बार बेटी बेसुध हुई। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीव रात में ही नहीं बल्कि कई बार दिन में भी उनके खेतों में
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