डीएम की फोन वार्ता रिकॉर्ड कर प्रसारित करने पर न्यूज पोर्टल को नोटिस, सात दिन में मांगा जवाब
नैनीताल, 25 अगस्त। रामनगर में आयोजित जनपद स्तरीय सरस मेले के दौरान उप जिलाधिकारी रामनगर के जौनसारी संस्कृति के पारंपरिक नाटी नृत्य में प्रतिभाग करने को लेकर जिलाधिकारी नैनीताल से हुई दूरभाष वार्ता की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक किए जाने के मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता (फौ.) की ओर से संबंधित न्यूज पोर्टल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में सात दिन के भीतर स्पष्ट, तथ्यात्मक और प्रमाण सहित लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामला 22 अगस्त को रामनगर में आयोजित सरस मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी रामनगर ने जौनसारी संस्कृति के पारंपरिक नाटी नृत्य में मंच पर प्रतिभाग किया था। इसके बाद हेड लाइन न्यूज पोर्टल, रामनगर के रोहित गोस्वामी द्वारा जिलाधिकारी नैनीताल से दूरभाष पर बातचीत कर इस संबंध में शासकीय आचरण नियमों और प्रशासनिक व्यवस्था के तहत कार्रवाई की संभावना को लेकर जानकारी प्राप्त की गई।
नोटिस के अनुसार इस दूरभाष वार्ता को बिना पूर्व सूचना, अनुमति अथवा सहमति के रिकॉर्ड किया गया और बाद में रिकॉर्डिंग के अंश अथवा उसकी सामग्री को न्यूज पोर्टल एवं अन्य माध्यमों से समाचार/वीडियो के रूप में सार्वजनिक किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में जिला शासकीय अधिवक्ता (फौ.) नैनीताल की ओर से संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस की तामील तहसीलदार रामनगर के माध्यम से कराई गई है।
छह बिंदुओं पर मांगा स्पष्टीकरण
नोटिस में संबंधित से छह प्रमुख बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। इसमें पूछा गया है कि जिलाधिकारी के साथ हुई वार्ता रिकॉर्ड की गई थी या नहीं। यदि रिकॉर्ड की गई तो किस व्यक्ति ने, किस उपकरण या माध्यम से और किस उद्देश्य से रिकॉर्डिंग की।
इसके अलावा रिकॉर्डिंग से पहले जिलाधिकारी को इसकी जानकारी दी गई थी अथवा उनकी अनुमति या सहमति ली गई थी या नहीं, इसका प्रमाण भी मांगा गया है। अनुमति नहीं ली गई तो रिकॉर्डिंग के आधार, उद्देश्य और औचित्य को स्पष्ट करने को कहा गया है।
नोटिस में यह भी पूछा गया है कि रिकॉर्डिंग को समाचार अथवा वीडियो के रूप में सार्वजनिक करने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया और निर्णय लेने वाले व्यक्ति का नाम, पदनाम तथा संस्थागत दायित्व क्या था।
साथ ही प्रकाशन से पहले जिलाधिकारी के कथन के पूर्ण संदर्भ और मूल वार्ता का सत्यापन किया गया था या नहीं, इसकी प्रक्रिया का विवरण भी मांगा गया है। रिकॉर्डिंग, वीडियो अथवा समाचार को किन-किन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया, उसकी तारीख, समय, शीर्षक और लिंक अथवा प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस के अंतिम बिंदु में न्यूज पोर्टल की संपादकीय नीति और आंतरिक प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। यदि संबंधित पक्ष यह मानता है कि वार्ता की रिकॉर्डिंग और उसका प्रसारण विधिसम्मत तथा पत्रकारिता के स्थापित मानकों के अनुरूप था तो उसके समर्थन में तथ्य, दस्तावेज, संपादकीय औचित्य और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है।
जवाब नहीं देने पर आगे की कार्रवाई की संस्तुति
नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित सात दिन की अवधि में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने अथवा प्रस्तुत जवाब और अभिलेख संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उपलब्ध तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर प्रकरण जिलाधिकारी नैनीताल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद विधि एवं प्रचलित नियमों के अनुसार अग्रिम कार्रवाई के संबंध में आवश्यक संस्तुति की जाएगी।
हालांकि नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इसका उद्देश्य वैध पत्रकारिता, समाचार संकलन, जनहित से जुड़ी सूचना के प्रकाशन या कानून द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति के अधिकार को प्रतिबंधित करना नहीं है। नोटिस का उद्देश्य दूरभाष वार्ता की रिकॉर्डिंग, उसके स्रोत, पूर्व सूचना अथवा अनुमति, संपादन और सार्वजनिक प्रसारण से संबंधित तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करना तथा संबंधित मीडिया संस्थान को अपना पक्ष रखने का अवसर देना है।
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