आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश की होगी भौतिक जांच

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आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश की होगी भौतिक जांच
पोर्टल के आंकड़ों और विभागीय रिपोर्ट में अंतर मिलने पर डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय समिति
नैनीताल। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई), 2009 के तहत निजी विद्यालयों में दाखिल विद्यार्थियों के आंकड़ों और विभागीय रिपोर्ट में अंतर मिलने के बाद जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी क्षेत्र के आरटीई के तहत पंजीकृत निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन और अभिलेखों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि खंड शिक्षा अधिकारी हल्द्वानी और कोषाधिकारी हल्द्वानी को सदस्य नामित किया गया है।
समिति वर्ष 2021-22 से हल्द्वानी क्षेत्र के आरटीई के तहत पंजीकृत विद्यालयों का मौके पर निरीक्षण करेगी। इस दौरान विद्यालयों के अभिलेखों की जांच कर आरटीई पोर्टल पर दर्ज विद्यार्थियों के आंकड़ों और शिक्षा विभाग की उपलब्ध सूचनाओं का मिलान किया जाएगा।
इन स्कूलों की होगी जांच
जांच के दायरे में आर्यमान विक्रम बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग, व्हाइट हॉल स्कूल लामाचौड़, व्हाइट हॉल स्कूल एक्सटेंशन हल्द्वानी, केडीएम पब्लिक स्कूल हीरानगर, यूनिवर्सल कॉन्वेंट स्कूल, इंस्पिरेशन स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल तथा दी आनन्दा एकेडमी समेत आरटीई के तहत पंजीकृत संबंधित विद्यालय शामिल हैं।
आदेश के अनुसार आरटीई अभियान के तहत निर्धारित 25 प्रतिशत मानक के सापेक्ष कई विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन प्रतिशत में कमी भी सामने आई है। ऐसे में समिति मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करेगी।
जिलाधिकारी ने समिति को विद्यालयों के निरीक्षण और अभिलेखों की जांच के बाद एक माह के भीतर स्पष्ट रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच का उद्देश्य आरटीई के तहत पात्र विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और सुविधाओं का वास्तविक लाभ दिलाना तथा पोर्टल के आंकड़ों और धरातलीय स्थिति के बीच किसी भी विसंगति को दूर करना है।

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