राज्य में वर्ष 2003 से अब तक बने परिवार रजिस्टर की सघन जांच की जाएगी। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके आदेश दिए। कैंट रोड स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में आज सुबह हुई उच्च स्तरीय बैठक में परिवार रजिस्टरों में अनियमितता का मामला सामने आया था।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध परिवार रजिस्टरों की प्रतियों को तत्काल डीएम कार्यालयों में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। इससे दस्तावेजों में छेड़छाड़ से को रोका जा सकेगा। परिवार रजिस्टरों की जांच सीडीओ और एडीएम स्तर पर कराई जाएगी। वर्ष 2003 से अब तक बने परिवार रजिस्टर के रिकार्ड जांच के दायरे में होंगे। इससे पहले के समय में हुई संभावित अनियमितताओं की पहचान करना आसान होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज कराने वालों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए।
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