भवाली। पहाड़ में खेती को लेकर अक्सर मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों की चुनौती सामने आती है, लेकिन डोब ल्वेशाल ग्रामसभा के काश्तकार रमेश जोशी ने अपनी मेहनत और लगन से इस धारणा को बदलने का प्रयास किया है। उन्होंने तराई भाबर क्षेत्र में अधिक पैदावार देने वाले कटहल को पहाड़ की धरती पर उगाकर मिसाल पेश की है। रमेश जोशी के घर के पास लगे कटहल के पेड़ पर इन दिनों कई फल लटक रहे हैं। इनमें सबसे बड़े कटहल का वजन करीब 25 किलो है। पहाड़ में इतनी बड़ी आकार का कटहल देखकर आसपास के ग्रामीण भी हैरान हैं और यह पेड़ इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। रमेश बताते हैं कि पौधे की नियमित देखभाल, पानी और खाद देने के साथ उसकी सेवा की जाए तो पहाड़ में भी कई ऐसे फलदार पौधों को सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है, जिन्हें आमतौर पर तराई क्षेत्र की फसल माना जाता है। उनका कहना है कि खेती के प्रति मेहनत और लगन रखी जाए तो जमीन किसानों को बेहतर परिणाम दे सकती है। रमेश की यह पहल पहाड़ में बागवानी और फल उत्पादन की संभावनाओं को भी उजागर करती है। उनका 25 किलो का कटहल ग्रामीणों के लिए कौतूहल के साथ साथ यह संदेश भी दे रहा है कि पहाड़ में नई फसलों के प्रयोग कर किसान अपनी आमदनी के नए रास्ते तलाश सकते हैं।
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