पिथौरागढ़/ मोबाइल फोन के प्रति किशोरों में बढ़ता जुनूनी आकर्षण और जरा सी बात पर आक्रामक कदम उठाने की प्रवृत्ति अब एक गंभीर सामाजिक व मानसिक चिंता का रूप ले रही है।
सोमवार रात नगर क्षेत्र में इसका खौफनाक उदाहरण तब देखने को मिला, जब देर तक फोन चलाने पर मां के डांटे जाने से आहत 17 वर्षीय किशोरी ने घर में रखा लाइजोल (फ्लोर क्लीनर) पी लिया। गंभीर स्थिति में परिजनों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि किशोरों में तेजी से घटते बर्दाश्त के स्तर और डिजिटल लत के गंभीर दुष्परिणामों की ओर सीधा इशारा करती है।
मिली जानकारी के अनुसार नगर क्षेत्र में रहने वाली एक किशोरी 11वीं कक्षा में पढ़ती है। सोमवार रात छात्रा अपने कमरे में फोन चला रही थी। मां ने जब पढ़ाई का हवाला देकर फोन रखने को कहा, तो किशोरी आपा खो बैठी और गुस्से में आकर बाथरूम में रखा फिनाइल गटक लिया।
तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को घटना का पता चला, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. वर्षा की टीम ने किशोरी को भर्ती कर उसका उपचार शुरू किया। उन्होंने बताया कि किशोरी की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है और वह चिकित्सकों की निगरानी में है।
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