टीईटी अनिवार्यता और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन

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भवाली। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ, शाखा भीमताल के तत्वावधान में शुक्रवार को उपशिक्षा अधिकारी कार्यालय, महरागांव में शिक्षकों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और उपशिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रधान मंत्री एवं शिक्षा मंत्री भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करने की भी मांग उठाई गई। शिक्षकों ने कहा कि यदि टीईटी की अनिवार्यता समाप्त नहीं की गई और पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सरकार से शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई। 17 जुलाई को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन व ज्ञापन दिया जाएगा।
इस अवसर पर जिला मंत्री वीरेन्द्र कांडपाल, हरीश चंद्र पाठक, जगमोहन पडियार, जीवनी गोस्वामी, संतोष जोशी, जय अधिकारी, राजेन्द्र जोशी, रेखा रौतेला, मदन सिंह बिष्ट, वीरा सिंह, दिनेश पाण्डे, श्रीराम सिंह बंकर, अंकुर चौधरी, कैलाश चन्द, आनंदी गुनवन्त, अनिल कटारिया, ललिता काकड़ी, शंकर गोस्वामी, भागीरथ बिष्ट, सरिता त्रपाठी,, भोपाल नयाल, ममता साह, विजय जोशी, बबीता बिष्ट, सुनीता बाला, रजनी आर्या, हेम कांडपाल, ज्योति तिवारी, ललिता जोशी सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

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