ओम प्रकाश को न्याय दिलाने हेतु धारी तहसील में हुआ शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन, उपजिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
धारी।तहसील धारी परिसर में ग्राम अघरिया निवासी ओम प्रकाश को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सामाजिक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रीय नागरिकों द्वारा एक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम के उपरांत उपजिलाधिकारी, धारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पीड़ित को उचित मुआवजा, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत आवश्यक कार्यवाही, सुरक्षा एवं वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि ओम प्रकाश , निवासी ग्राम अघरिया, एक साधारण एवं मेहनतकश व्यक्ति हैं, जो धानाचुली क्षेत्र में सड़क किनारे स्थानीय फल, चाय-पानी एवं अन्य सामग्री बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी अस्थायी झोपड़ी ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन थी, जिसे आग लगाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया, जिससे उनका परिवार गंभीर आर्थिक एवं मानसिक संकट में आ गया है।
ज्ञापन के अनुसार, ओम प्रकाश ने पहले मल्ली धानाचुली, फिर तल्ली धानाचुली और उसके बाद तीसरे स्थान पर अपना व्यवसाय स्थापित किया, लेकिन प्रत्येक स्थान पर उन्हें हटाने एवं परेशान करने का प्रयास किया गया। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें बार-बार धमकाया गया कि यदि उन्होंने अपना सामान नहीं हटाया, तो उनकी झोपड़ी को आग के हवाले कर दिया जाएगा। पहली बार आग लगाए जाने के बाद उन्होंने थाना मुक्तेश्वर में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उसी दिन शाम को उनकी पूरी झोपड़ी एवं शेष सामान को भी पुनः आग के हवाले कर दिया गया, जिससे उनकी आजीविका पूरी तरह समाप्त हो गई।
धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी गरीब व्यक्ति को उसकी आजीविका से वंचित करना सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन एवं सम्मानपूर्वक आजीविका अर्जित करने का अधिकार प्रदान करता है और किसी भी नागरिक के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वक्ताओं ने कहा कि ओम प्रकाश अनुसूचित जाति वर्ग से संबंध रखते हैं तथा क्षेत्र में अन्य लोगों द्वारा भी सड़क किनारे छोटे-छोटे व्यवसाय संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन केवल उन्हें बार-बार हटाने और परेशान करने के प्रयास किए गए। इसलिए इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि तल्ली धानाचुली क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग पंचायत भूमि पर निवास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, उक्त भूमि मूल रूप से फल भंडारण के लिए गोदाम निर्माण हेतु आवंटित की गई थी, लेकिन समय के साथ वहां स्थायी निर्माण एवं मकान बना लिए गए हैं। ऐसे में यदि प्रशासन केवल एक गरीब व्यक्ति को उसकी आजीविका से वंचित करता है, तो यह समानता एवं न्याय के सिद्धांतों के विपरीत होगा। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सभी के लिए समान नियम एवं समान न्याय सुनिश्चित करना है।
ज्ञापन में मांग की गई कि ओम प्रकाश को उनकी क्षति के अनुरूप तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए, अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत देय समस्त राहत एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा जब तक स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक उन्हें पूर्व की भांति अपना व्यवसाय संचालित करने की अनुमति अथवा वैकल्पिक रोजगार एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों की रक्षा करना प्रशासन एवं समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब समाज अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर खड़ा होता है, तभी न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा संभव हो पाती है।
संवैधानिक अधिकार संघर्ष समिति के संयोजक मुकेश चन्द्र बौद्ध ने कहा कि यदि आगामी 10 दिनों के भीतर इस प्रकरण में उचित एवं निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संगठन को मजबूरन थाना मुक्तेश्वर का घेराव करने तथा जिलाधिकारी कार्यालय में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमें पुलिस प्रशासन एवं न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास है कि जिस गरीब परिवार की आजीविका को अराजक तत्वों द्वारा नष्ट किया गया है, उसे निश्चित रूप से न्याय मिलेगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
उन्होंने इस आंदोलन में सहयोग एवं सहभागिता करने वाले सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियों, क्षेत्र की जनता, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं न्यायप्रिय नागरिकों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी समाजहित के मुद्दों पर इसी प्रकार एकजुट रहने का आह्वान किया। आजाद समाज पार्टी से जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र बेरी व प्रदेश महासचिव जीवन चंद्र ने भी इस तरह की घोर निंदा की।
इस अवसर पर दीपक चन्याल, मुकेश चन्द्र बौद्ध , ग्राम प्रधान रेखा देवी जी, क्षेत्र पंचायत सदस्य रेखा देवी , वन पंचायत सरपंच संजय कुमार, वन पंचायत सदस्य अजय कुमार , भुवन हरिया , वीरेंद्र कुमार , ग्राम प्रधान बरमधार , मनीष कुमार सहित सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे तथा पीड़ित परिवार के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की।
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