गुजरात के मोरबी शहर में रविवार शाम एक झूला पुल (केबल ब्रिज) टूट जाने से बड़ा हादसा हो गया। घटना के वक्त पुल पर चार सौ से ज्यादा लोग मौजूद थे। देर रात तक 68 लोगों के मरने की पुष्टि हुई। 70 से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हैं जबकि कई लापता है। स्थानीय पुलिस और एनडीआरएफ के अलावा सेना की तीनों शाखाओं की टीमों ने भी बचाव में मदद की।
बोझ नहीं सह सका पुल मच्छू नदी पर बना यह पुल पिछले छह महीने से बंद रहा। दो करोड़ रुपये से मरम्मत कर 25 अक्तूबर को इसे खोला गया था। अधिकारियों के मुताबिक, पुल की क्षमता सौ लोगों का वजन सहन करने की है लेकिन रविवार को छुट्टी होने के चलते करीब चार सौ लोग जुटे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब साढ़े छह बजे जब पुल टूटा, उस पर कई महिलाएं बुजुर्ग और बच्चे भी थे। हादसा होते ही तमाम लोग जान बचाने के लिए कूदते देखे गए।
मोदी ने मुख्यमंत्री से बात की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने बचाव अभियान की लगातार निगरानी को कहा। मृतक आश्रितों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता का ऐलान किया गया है।
जांच को कमेटी बनाईगुजरात सरकार ने विशेष जांच दल गठित करने का ऐलान किया है। वरिष्ठ आईएएस के नेतृत्व में इंजीनियर भी टीम में होंगे। टीम जांचेगी कि किसकी लापरवाही से हादसा हुआ।
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