भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल में बीटेक के 2026 बैच के विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साह और उमंग के साथ हुआ। “Emerge, Discover, Commit, Excel” थीम पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत नवप्रवेशी विद्यार्थियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन तथा रिदम डांस क्लब की गणेश वंदना से हुई।
कार्यक्रम में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. (डॉ.) तबस्सुम नकवी ने देहरादून कैंपस से ऑनलाइन संबोधित करते हुए नए विद्यार्थियों का ग्राफिक एरा परिवार में स्वागत किया। उन्होंने फाउंडर प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला की दूरदर्शी सोच और मूल्यों को विश्वविद्यालय की मजबूत नींव बताते हुए वर्ष 2011 से अब तक की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 16 पाठ्यक्रमों से शुरू हुई यह यात्रा आज 21 हजार से अधिक विद्यार्थियों और लगभग 40 हजार एलुमनाई वाले विशाल शैक्षणिक परिवार तक पहुंच चुकी है। उन्होंने विद्यार्थियों को मेंटर-मेंटी योजना और नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत बहुविषयक अध्ययन के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
डीन एकेडमिक्स प्रो. प्रमोद एस. नायर ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय को “अवसरों का मंदिर” बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से कैंपस की विविध गतिविधियों में भाग लेने, टीम भावना विकसित करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कोडिंग पर विशेष ध्यान देने के साथ विषयों की मूल अवधारणाओं को गहराई से समझने की आदत विकसित करने पर जोर दिया।
कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशंस डॉ. उत्पल कुमार देबनाथ ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली और आगामी अकादमिक प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रूप से बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
भीमताल कैंपस के निदेशक ने ग्राफिक एरा की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला के नेतृत्व में एक कंप्यूटर सेंटर से शुरू हुआ यह संस्थान आज चार विश्वविद्यालय परिसरों, विश्वस्तरीय अस्पताल और स्कूल सहित एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक समूह के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों से कैंपस में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने, विभिन्न क्लबों से जुड़ने तथा हैकाथॉन, मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN), मैराथन और अन्य गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अकादमिक शिक्षा विद्यार्थियों की प्राथमिकता होनी चाहिए, साथ ही इंटर्नशिप, समस्या समाधान क्षमता और समग्र व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को देश का गौरवशाली युवा बताते हुए कहा कि आज वे जिस तरह सीखेंगे और स्वयं को विकसित करेंगे, वही भविष्य के भारत की दिशा तय करेगा।
कार्यक्रम के अंत में सीनियर्स के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके बाद आयोजित डीजे ईवनिंग ने पूरे परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया।
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