ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पंजीकरण चल रहे होम स्टे चालानी कार्रवाई, संचालको ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

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बिना पंजीकरण होम स्टे चलाने वालों की अब खैर नही। जिला पंचायत करवाई की तैयारी में लग गया है। ग्रामीण क्षेत्रो में तेजी से बढ़ते होम स्टे से अब जिला पंचायत टैक्स वसूलने की तैयारी में है। सभी होम स्टे संचालकों से पंजीकरण कराने को कहा है। बिना पंजीकरण चल रहे होम स्टे के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जा रही है, पर होम स्टे संचालकों ने इसे एक्ट के विरुद्ध बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसे अवैध करार दिया है।जिले के साथ ही पूरे कुमाऊं में होम स्टे काफी सफल साबित हो रहे हैं। ऐसे में लोग तेजी से अपने पारंपरिक घरों को होम स्टे में तब्दील कर रहे हैं। होम स्टे संचालक को पर्यटन विभाग में पंजीकरण कराना होता है। इसके बाद उन्हें किसी तरह के पंजीकरण की जरूरत नहीं होती है। पर इन दिनों नैनीताल जिला पंचायत कई होम स्टे संचालकों को नोटिस देने के साथ ही चालान की कार्रवाई कर रहा है। जिला पंचायत के अनुसार ग्रामीण इलाकों में होने वाली हर व्यवासायिक गतिविधि का पंजीकरण एवं नियमानुसार टैक्स लेना उसके अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में व्यावसायिक गतिविधियां कर रहे हर संस्थान का पंजीकरण जिला पंचायत में होना आवश्यक है। पर होम स्टे संचालकों का कहना है कि उनकी गतिविधि को सरकार ने व्यावसायिक नहीं माना है, इसलिए इस तरह चालान व पंजीकरण के लिए बाध्य करना गलत है। मामले में होम स्टे संचालको ने सीएम व जिला पंचायत अध्यक्ष को पत्र लिखा है।

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