भीमताल में सार्वजनिक पुस्तकालय खोलने की मांग आज भी लंबित

ख़बर शेयर करें

भीमताल में सार्वजनिक पुस्तकालय खोलने की मांग आज भी लंबित

भीमताल,
उत्तराखंड के नैनीताल जनपद स्थित पर्यटन नगरी भीमताल में एक सार्वजनिक पुस्तकालय की स्थापना की वर्षों पुरानी मांग आज भी अधर में लटकी हुई है। क्षेत्र के साहित्य प्रेमियों, बुद्धिजीवियों और विद्यार्थियों को आज भी पुस्तकालय जैसी बुनियादी शैक्षणिक सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  भवाली में पूरी रात जागकर कर्मचारियों ने बंद किया पाइपलाइन का लीकेज

भीमताल नगर पंचायत का गठन लगभग पांच दशक पूर्व हुआ था। तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष स्व. बी.डी. जोशी के कार्यकाल में नगर पंचायत कार्यालय परिसर में एक पुस्तकालय की स्थापना की गई थी। उस समय क्षेत्र के सांसद पं. नारायण दत्त तिवारी द्वारा सांसद निधि से लगभग डेढ़ लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। हालांकि, नगर पंचायत के नए भवन के निर्माण के बाद पुस्तकालय को पुनः स्थापित नहीं किया जा सका और यह सुविधा धीरे-धीरे बंद हो गई।

यह भी पढ़ें 👉  घोड़ाखाल गोलू देवता मंदिर में 25 अक्टूबर से अखंड रामायण पाठ, 26 को हवन और भंडारा

वर्तमान समय में भीमताल शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ केंद्र बनता जा रहा है। यहां अनेक शिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं, इसके बावजूद सार्वजनिक पुस्तकालय का अभाव स्थानीय नागरिकों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। खासतौर पर बुजुर्गों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों, विद्यार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अध्ययन और शोध के लिए अन्य स्थानों पर निर्भर रहना पड़ता है।

यह भी पढ़ें 👉  रॉयल वाल्मीकि आर्मी के जिलाध्यक्ष अंकित ने किया राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य का स्वागत

क्षेत्रवासियों द्वारा समय-समय पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष पुस्तकालय की मांग उठाई जाती रही है। इसी क्रम में हाल ही में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर भीमताल में शीघ्र एक आधुनिक सार्वजनिक पुस्तकालय की स्थापना की मांग की है।

Join WhatsApp Group
Ad

You cannot copy content of this page