ग्राफिक एरा भीमताल के सिविल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग को मिली एनएबीएल मान्यता

ख़बर शेयर करें

भीमताल। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल ने शैक्षणिक एवं तकनीकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपने टेस्टिंग लेबोरेटरी के लिए नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) से ISO/IEC 17025:2017 मानक के अंतर्गत मान्यता प्राप्त की है। इस उपलब्धि के साथ विश्वविद्यालय की सिविल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रयोगशालाएं अब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप परीक्षण सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकृत हो गई हैं।

NABL मान्यता प्राप्त होने के बाद विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला सड़क, पुल, भवन तथा अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं में उपयोग होने वाली विभिन्न निर्माण सामग्रियों के प्रमाणित परीक्षण कर सकेगी। अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित यह प्रयोगशाला कंक्रीट, मिट्टी, स्टील, सीमेंट, ईंट, एग्रीगेट्स सहित अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियों का परीक्षण करने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के विशेष परीक्षण भी निर्धारित गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप संपन्न करेगी।

यह भी पढ़ें 👉  भवाली में पूरी रात जागकर कर्मचारियों ने बंद किया पाइपलाइन का लीकेज

यह सुविधा केवल शिक्षण एवं शोध गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सरकारी विभागों, निजी संस्थानों, सलाहकार एजेंसियों तथा इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से जुड़े संगठनों को भी परीक्षण एवं परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराएगी। इससे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्यों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ उद्योग एवं शिक्षा जगत के बीच सहयोग भी सुदृढ़ होगा।

यह भी पढ़ें 👉  भवाली रामलीला कमेटी ने जताया जनता का आभार, देवी मंदिर में होगा तिलपात्र और भंडारा

इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के निदेशक ने सभी संकाय सदस्यों, तकनीकी कर्मचारियों एवं संबंधित टीम को बधाई देते हुए इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला के दूरदर्शी नेतृत्व में विश्वविद्यालय निरंतर शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और उद्योगोन्मुखी शिक्षा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। यह मान्यता विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान एवं उद्योग मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  घोड़ाखाल गोलू देवता मंदिर में 25 अक्टूबर से अखंड रामायण पाठ, 26 को हवन और भंडारा

NABL मान्यता से सिविल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों को उन्नत परीक्षण सुविधाओं, गुणवत्ता आश्वासन प्रक्रियाओं, जियोटेक्निकल जांच, संरचनात्मक मूल्यांकन, कैलिब्रेशन तथा अन्य इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा। साथ ही शोध, परामर्श और उद्योग सहयोग के नए अवसर भी विकसित होंगे, जिससे विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता और पेशेवर क्षमता में वृद्धि होगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह उपलब्धि भविष्य के कुशल इंजीनियरों के निर्माण तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Join WhatsApp Group
Ad

You cannot copy content of this page