कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने महिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान तमाम अव्यवस्थाएं मिलीं। अस्पताल से 30 अप्रैल को रिलीव की गई महिला डॉक्टर के 10 दिन बाद भी रामगढ़ नहीं पहुंचने की जानकारी मिली। अस्पताल में बायोमैट्रिक मशीन खराब मिली। हाजिरी रजिस्टर में तमाम अनियमितताएं पाई गई। एक कर्मचारी ने एडवांस में 11 मई की हाजिरी तक लगा रखी थी। डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे थे। मामले में कमिश्नर ने डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है।
बुधवार सुबह 10.50 बजे कुमाऊं कमिश्नर टीम के साथ अचानक महिला अस्पताल पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान पता चला कि महिला डॉक्टर को 30 अप्रैल को अस्पताल से रामगढ़ के लिए रिलीव किया गया था। लेकिन उन्होंने अब तक रामगढ़ अस्पताल में ज्वाइनिंग नहीं दी है। विभागीय अधिकारियों से पूछताछ में पता चला कि महिला डॉक्टर पिछले 10 दिनों से दिल्ली में है। कमिश्नर ने अस्पताल की लचर व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीएमओ व सीएमएस को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने मंडल के सभी जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जिला चिकित्सालयों का समय-समय पर निरीक्षण करें। सीएमएस डॉ. ऊषा जंगपांगी, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह आदि भी मौजूद रहे।
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