रामगढ़ में लंपी वायरस को लेकर पशुपालकों को किया जागरूक
मल्ली सिनौली में पशुपालन विभाग ने लगाया जागरूकता शिविर, बीमार पशुओं को अलग रखने की दी सलाह
भीमताल/नैनीताल, 31 अगस्त। विकासखंड रामगढ़ के ग्राम मल्ली सिनौली में सोमवार को पशुपालन विभाग की ओर से लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) की रोकथाम को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पशु चिकित्सा अधिकारियों ने पशुपालकों और ग्रामीणों को बीमारी के लक्षण, संक्रमण के कारण और बचाव के उपायों की जानकारी दी।
पशु चिकित्सकों ने बताया कि लंपी स्किन डिजीज गौवंशीय पशुओं में होने वाला संक्रामक रोग है। यह मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और अन्य कीटों के काटने से फैलता है। बीमारी की स्थिति में पशु के शरीर पर गांठें पड़ना, तेज बुखार, आंख और नाक से पानी आना, दूध उत्पादन में कमी तथा सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
अधिकारियों ने पशुपालकों से अपील की कि किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उसे तत्काल स्वस्थ पशुओं से अलग रखें। पशु बाड़े के आसपास साफ-सफाई रखने के साथ मच्छर-मक्खियों से बचाव के उपाय करने और समय पर पशुओं का टीकाकरण कराने की सलाह दी गई। पशु के बीमार होने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करने को कहा गया।
शिविर में पशुपालकों को पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं, टीकाकरण कार्यक्रम और पशु बीमा योजना की जानकारी भी दी गई। इस दौरान पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया।
शिविर में पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी, ग्राम प्रधान समेत बड़ी संख्या में पशुपालक और ग्रामीण मौजूद रहे।
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