मौत के मुंह में उतर गया सब्जी विक्रेता भोजराज, तीन जिंदगियां बचाने की कोशिश में खुद भी हुआ बेहोश
गौलापार के मानपुर गांव में पानी की टंकी में जहरीली गैस से हुई दर्दनाक घटना के बीच एक सब्जी विक्रेता ने अपनी जान की परवाह किए बिना इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सब्जी विक्रेता भोजराज अपने ठेले पर सब्जियां लेकर बिक्री के लिए जा रहे थे। इसी दौरान धर्मेंद्र की पत्नी ज्योति ने घबराकर उन्हें आवाज लगाई और टंकी के अंदर फंसे लोगों को बचाने की गुहार लगाई। मदद की पुकार सुनते ही भोजराज बिना देर किए अपना ठेला छोड़कर मौके पर पहुंचे और सीधे करीब 10 फीट गहरी पानी की टंकी में उतर गए।
भोजराज ने बताया कि टंकी के अंदर पहुंचने पर उन्होंने बेहोश पड़े सरस्वती देवी, धर्मेंद्र और खुशाल सिंह बिष्ट के चेहरे पानी से ऊपर उठाकर उन्हें किनारे करने की कोशिश की। इसी दौरान उन्हें भी जहरीली गैस का असर महसूस होने लगा। कुछ ही क्षणों में उनका सिर चकराने लगा और वह भी बेहोश हो गए।
बाहर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बड़ी मुश्किल से भोजराज को टंकी से बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि यदि कुछ देर और टंकी के भीतर रहते तो उनकी जान भी जा सकती थी। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद सरस्वती देवी और उनके दोनों बेटों धर्मेंद्र व खुशाल सिंह बिष्ट को नहीं बचाया जा सका।
यह घटना एक ओर जहां बेहद दुखद है, वहीं दूसरी ओर सब्जी विक्रेता भोजराज की बहादुरी और मानवता की मिसाल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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