पैरामेडिकल छात्रों ने सीएम से मिलकर स्टाइपेंड समेत समस्याएं रखीं
हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत पैरामेडिकल छात्रों ने शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। छात्रों ने अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड दिए जाने समेत छात्रावास, पुस्तकालय, यातायात और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
इससे पहले 18 सितंबर को राज्य दर्जा मंत्री शंकर कोरंगा राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी पहुंचे और पैरामेडिकल छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद छात्रों की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई गई।
छात्रों ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान वर्तमान में उन्हें कोई स्टाइपेंड नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में प्रदेश में पैरामेडिकल कोर्स संचालित होने के दौरान इंटर्नशिप के समय स्टाइपेंड की व्यवस्था थी। कोरोना काल के बाद इन पाठ्यक्रमों को दोबारा शुरू किया गया, लेकिन इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड की सुविधा नहीं दी गई। छात्रों ने न्यूनतम 15 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की मांग की।
इसके अलावा छात्रों ने पर्याप्त छात्रावास और सुविधायुक्त पुस्तकालय उपलब्ध कराने, मेडिकल छात्रों की तर्ज पर बस एवं यातायात सुविधा देने तथा आवश्यक शैक्षणिक व संस्थागत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। छात्रों ने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद उनसे 50 हजार रुपये वार्षिक फीस ली जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।
छात्रों ने समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने छात्रों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना।
स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका
पैरामेडिकल छात्र अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। प्रयोगशालाओं में रक्त व अन्य नमूनों की जांच, एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी डायग्नोस्टिक सेवाओं तथा ऑपरेशन थिएटर में चिकित्सकों के सहयोग में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
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