ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन CE2CT-2026 का भव्य शुभारंभ

ख़बर शेयर करें

ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी (GEHU), भीमताल परिसर में IEEE उत्तर प्रदेश सेक्शन के सहयोग से द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “एडवांसेस इन कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज (CE2CT-2026)” का शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को हुआ। इस सम्मेलन का उद्देश्य शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं उद्योग विशेषज्ञों को उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में नवाचार, ज्ञान आदान-प्रदान और अंतर्विषयक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक मंच प्रदान करना है।

सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि पद्म भूषण एवं पद्मश्री से सम्मानित प्रो. (डॉ.) वी. के. सारस्वत, पूर्व सदस्य नीति आयोग, पूर्व सचिव DDR&D (DRDO) तथा कुलाधिपति, ग्राफिक एरा (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविद एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें 👉  त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन की अधिसूचना जारी

कार्यक्रम में भीमताल परिसर के निदेशक ने स्वागत भाषण देते हुए मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) वी. के. सारस्वत, विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) एस. के. कश्यप, कुलपति, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर सहित देश-विदेश से आए विद्वानों, शोधकर्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि CE2CT का पहला संस्करण अत्यंत सफल रहा था और दूसरा संस्करण उसी सफलता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास है। उन्होंने IEEE उत्तर प्रदेश सेक्शन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए CE2CT-2027 के और भी व्यापक स्वरूप की आशा व्यक्त की।

निदेशक ने कहा कि ग्राफिक एरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला का सपना कुमाऊं के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा, नवाचार और अवसरों से जोड़ना रहा है। इसी दृष्टि का परिणाम है कि आज परिसर के विद्यार्थी Atlassian, Google और Amazon जैसी वैश्विक कंपनियों में क्रमशः लगभग 70 लाख, 60 लाख और 50 लाख रुपये वार्षिक पैकेज तक प्राप्त कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर एएमआर के प्रति जागरूकता का संदेश

मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) वी. के. सारस्वत ने अपने संबोधन में “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को रेखांकित करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर, न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग, उपग्रह प्रौद्योगिकी, स्पेस-बेस्ड कंप्यूटिंग तथा राष्ट्रीय क्वांटम मिशन जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वदेशी, व्यावहारिक एवं बाजारोन्मुख तकनीकों के विकास तथा अनुसंधान सहयोग को सशक्त बनाने पर बल दिया।

विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) एस. के. कश्यप ने कहा कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे आसपास की दुनिया में विद्यमान है। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने, नए प्रश्न पूछने तथा वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया।

यह भी पढ़ें 👉  पहाड़ में पर्यटन के साथ स्थानीय विकास की नई राह,छोटे से गांव में होटल ने स्थानीय युवाओं को दिया रोजगार का अवसर

उद्घाटन सत्र के बाद आईआईटी इंदौर के प्रो. एम. तनवीर तथा सर्बिया की प्रो. वेस्ना वेलिकोविच ने प्रभावशाली मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किए। इसके साथ ही शोध पत्र प्रस्तुतिकरण सत्रों का आयोजन भी हुआ।

सम्मेलन को विश्वभर से जबरदस्त प्रतिसाद प्राप्त हुआ। कुल 2,132 शोध पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 219 उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्र प्रस्तुतीकरण के लिए चयनित किए गए। यह उपलब्धि CE2CT-2026 की वैश्विक पहचान, अकादमिक उत्कृष्टता और शोध क्षेत्र में बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है।

Join WhatsApp Group
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

You cannot copy content of this page