रक्षाबंधन और श्रावण मास से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा अभियान, 8 खाद्य नमूने जांच को भेजे

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रक्षाबंधन और श्रावण मास से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा अभियान, 8 खाद्य नमूने जांच को भेजे
भवाली। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड तथा जिलाधिकारी के निर्देश पर 23 और 24 जुलाई को तहसील श्रीकैंचीधाम एवं धारी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कैंची, छड़ा, खैरना, गरमपानी, कसियालेख, लेटीबुंगा, भटेलिया और धानाचूली क्षेत्र के होटल, किराना, फल-सब्जी और मिठाई की दो दर्जन से अधिक दुकानों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संदेह के आधार पर तीन प्रतिष्ठानों से दाल, धनिया, हल्दी, पुष्टाहार दलिया और घी सहित कुल 8 खाद्य नमूने गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। वहीं, एफएसएस अधिनियम-2006 के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर चार प्रतिष्ठानों को ऑनलाइन नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 दिनों के भीतर कमियों का निस्तारण नहीं होने पर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाएगा। अधिनियम की धारा-55 के तहत अधिकतम दो लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया कि रक्षाबंधन और श्रावण मास को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सभी खाद्य कारोबारियों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने, बिना बिल के खरीदारी नहीं करने, स्टॉक का रिकॉर्ड रखने, एक्सपायरी खाद्य सामग्री का भंडारण या विक्रय नहीं करने, प्रतिष्ठानों में नियमित साफ-सफाई एवं कीट नियंत्रण कराने तथा बाजार में बिक रही रंग-बिरंगी कचरी का विक्रय नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका हो तो आमजन तत्काल विभाग को सूचना दें, ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके।
विभाग ने सभी खाद्य व्यापारियों से प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने, पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्माण एवं समाप्ति तिथि, बैच नंबर स्पष्ट अंकित करने, रेट लिस्ट प्रदर्शित करने, ग्राहकों को बिल देने तथा एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि खराब अथवा कालातीत खाद्य सामग्री की बिक्री पाए जाने या खाद्य नमूना फेल होने पर संबंधित के खिलाफ एफएसएस अधिनियम-2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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