नौ महीने और 14 दिन अंतरिक्ष स्टेशन में फंसी रहीं भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स बुधवार तड़के सुरक्षित लौट आईं। उनके साथ बुच विल्मोर और दो अन्य अंतरिक्ष यात्री भी लौटे। भारत समेत दुनियाभर ने उनकी सकुशल वापसी का स्वागत किया।
नासा के अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर लौटा स्पेसएक्स का ड्रैगन यान ‘फ्रीडम’ भारतीय समयानुसार तड़के 327 बजे फ्लोरिडा के पास समुद्री क्षेत्र में उतरा। करीब एक घंटे के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को यान से बाहर निकाला गया। यान से बाहर आते ही उन्होंने अभिवादन किया। इसके बाद उन्हें चिकित्सा जांच के लिए ले जाया गया।
परिजनों से मिलने के लिए अभी इंतजार सुनीता विलियम्स को अपने प्रियजनों से मिलने के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। गुरुत्वाकर्षण के अनुकूल होने संबंधी जांच के बाद उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाएगी।
चहलकदमी का रिकॉर्ड सुनीता ने नौ बार अंतरिक्ष में चहलकदमी की। इसमें उन्हें 62 घंटे का समय लगा। उन्होंने अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा चहलकदमी करने वाली पहली महिला अंतरिक्ष यात्री होने का रिकॉर्ड बनाया। विल्मोर और विलियम्स ने कहा, उन्हें अंतरिक्ष में अधिक समय बिताने में आपत्ति नहीं थी। हालांकि, परिवारों के लिए यह कठिन समय था।
जून, 2024 में गए थे सुनीता और विल्मोर पांच जून, 2024 को आठ दिनों के लिए बोइंग और नासा के संयुक्त क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन पर गए थे, लेकिन अंतरिक्ष यान में तकनीकी गड़बड़ी के कारण वहीं फंस गए।
4,576 बार पृथ्वी की परिक्रमा विलियम्स और विल्मोर ने पृथ्वी की 4,576 बार परिक्रमा की। दोनों अंतरिक्ष यात्री नासा के निक हेग और रूस के अलेक्जेंडर गोरबुनोव के साथ वापस लौटे। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक बयान में बताया कि स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन कैप्सूल ‘फ्रीडम’ की 17 घंटे की यात्रा के बाद पैराशूट की सहायता से स्प्लैशडाउन की प्रक्रिया पूरी की गई।

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