भवाली में भी अग्निकांड के बाद नही जागा प्रशासन

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  • दो मई को जलते घर से भागकर लोगो ने बचाई थी जान
  • बाजार में 80 फीसदी भवन दुकान है पुरानी

भवाली। नगर में 2 मई की रात काली रात बनकर आई और लोगो को लोगो को बेघर कर गई। 100 साल पुरानी दुकान घरों में लगी आग पर कोई काबू नही कर पाया। जिससे देर रात 11 बजे तक लोगो के सपनो का आशियाना जलकर राख हो गया। वही वर्षो पहले नगर में पुराने मकानों को देखते हुए प्रशासन फायर हाइड्रेंट को भूल गया। सड़क बनने के साथ फायर हाइड्रेंट जमीन में दबते चले गए। नगर के बाजार में 80 फीसदी मकान अब भी लकड़ी के बने हुए है। खतरे को देखते हुए पुराने समय मे दो से तीन फायर हाइड्रेंट बनाये थे। वही अग्निकांड की रात बुजुर्गों के कहने पर बाजार में अनुमान लगाकर सड़क किनारे फायर हाइड्रेंट खोजे गए। लेकिन जमीन में दबने से नही मिल पाए। यूथ कांग्रेस नगर अध्यक्ष व व्यापार मंडल सचिव अफसर अली ने कहा कि अगर फायर हाइड्रेंट चालू हालत में होते तो उस समय भी लाखो के नुकसान व 100 साल पुरानी धरोहर को बचाया जा सकता था। वर्षो पहले नगर में बाजार क्षेत्र में 2 से 3 फायर हाइड्रेंट थे। कहा कि नगर में 80 फीसदी मकान दुकान लकड़ी के बने है। जल्द प्रशासन से फायर हाइड्रेंट बनाने के लिए अलग पाइपलाइन डालने की मांग की जाएगी। जिससे भविष्य में ऐसी बड़ी दुर्घटना होने से रोका जा सकेगा। जल संस्थान ए ई रवि डोभाल ने कहा कि एक फायर हाइड्रेंट के लिए प्रस्ताव बनाया जाएगा। यहां कोई फायर हाइड्रेंट की निजी लाइन नही है। वर्षो पहले कभी लाइन बनाये गए होंगे। फायर हाइड्रेंट पाइपलाइन बिछाने में 3 से 4 करोड़ का खर्च आएगा। जिसके लिए प्रस्ताव बनाया जाएगा।

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